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राजनांदगांव में निकली विसर्जन झांकी: लाखों की संख्या में उमड़ी भीड़, चप्पे-चप्पे पर थी पुलिस की तैनाती.. वीडियो में देखिये संस्कारधानी की झांकी की झलक

राजनांदगांव संस्कारधानी गणेश उत्सव की झांकी के लिए जाना जाता है. कई सालों झांकी की यह परम्परा चली आ रही है। राजनांदगांव की झांकी को देखने लोग दूर-दूर से आते हैं। कोरोना की वजह से 2 साल तक झाकियां नहीं निकाली गई थी। लेकिन इस बार बड़े स्तर पर झंकियों का निर्माण किया गया था। 9 सितम्बर की रात को शहर में विसर्जन झांकियां निकाली गई। जिसका लोगों में अलग उत्साह दिखा। राजनांदगांव में समस्त व्यापारी समिति और अलग-अलग समितियों के द्वारा मनमोहक आकर्षक झांकियों का प्रदर्शन दिखाया जाता है। इस कारण राजनांदगांव संस्कारधानी कहा गया है।

जगह- जगह पुलिस की व्यवस्था

गणेश पर्व के पहले दिन 3 हत्याओं से राजनांदगांव शहर में सनसनी फैल गई थी। जिसके बाद पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर कई तरह के सवाल उठ खड़े हुए थे। जिसे देखते हुए झांकी में पुलिस व्यवस्था चाकचौबंद थी। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती की गई थी। आउटर इलाकों में पुलिस की टीम लगातार पेट्रोलिंग कर रही थी। झांकी को देखने लाखों की संख्या में लोगों के आने का अनुमान जताया गया था। लोगों की भीड़ पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती भी थी। हालांकि लोगों की भीड़ पहले के मुकाबले कम थी।

छत्तीसगढ़ और आजादी के अमृत महोत्सव की दिखी झलक

झांकी में इस बार छत्तीसगढ़ संस्कृति और आजादी के अमृत महोत्सव की झलक देखने को मिली। जो काफ़ी खास था. सूत्रों के मुताबिक एक झांकी को बनाने में 5 से 6 लाख रुपए की लागत आई. कम से कम 50 झांकी के निकलने का अनुमान जताया गया था, लेकिन झांकी वाले दिन उनकी संख्या कम हो गई. राजनांदगांव के 1 दिन बाद डोंगरगढ़ में भी इसी तरह के झांकी का प्रदर्शन दिखाया जाता है।

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