NEW GOVERNMENT CAR POLICY: Modi government’s ‘surgical strike’ on official convoys.
NEW GOVERNMENT CAR POLICY: केंद्र सरकार ने प्रशासनिक सुधार की बड़ी पहल करते हुए ‘एक अधिकारी, एक सरकारी कार’ के नियम को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है.
अब किसी अधिकारी को अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने पर दूसरी सरकारी गाड़ी नहीं दी जाएगी.
साथ ही, सरकारी उपक्रमों और स्वायत्त संस्थाओं की गाड़ियों का निजी इस्तेमाल भी प्रतिबंधित कर दिया गया है.
बता दें कि सरकारी वाहनों के दुरुपयोग को रोकने और सरकारी खर्च कम करने के लिए केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया है.
वित्त मंत्रालय ने आदेश जारी किया है कि किसी भी वरिष्ठ अधिकारी को एक से ज्यादा सरकारी गाड़ी नहीं दी जाएगी, भले ही उसके पास किसी दूसरे मंत्रालय, विभाग, सार्वजनिक उपक्रम या स्वायत्त संस्था का अतिरिक्त प्रभार ही क्यों न हो.
सरकार ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए कहा है कि केंद्रीय सरकारी अधिकारी सरकारी उपक्रमों, अर्द्ध-सरकारी संस्थाओं, स्वायत्त निकायों या पीएसयू की गाड़ियों का गाड़ियों का इस्तेमाल केवल आधिकारिक दौरे के दौरान ही किया जा सकेगा.
यह आदेश सभी केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों, वित्तीय सलाहकारों और केंद्रीय मंत्रियों के निजी सचिवों को भेज दिया गया है.
