लद्दाख। हिमालय की बर्फीली वादियों के बीच स्थित चांग ला दर्रा दुनिया के सबसे ऊंचे मोटरेबल दर्रों में शुमार है। करीब 17,500 फीट की ऊंचाई पर मौजूद यह दर्रा हर साल हजारों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
लेह से पैंगोंग झील जाने वाला प्रमुख मार्ग चांग ला दर्रे से होकर गुजरता है। यहां ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम होने के कारण सांस लेना आसान नहीं होता, जबकि सालभर रहने वाली कड़ाके की ठंड इस सफर को और चुनौतीपूर्ण बना देती है।
चांग ला दर्रे पर स्थित चांग ला बाबा मंदिर यात्रियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि यहां दर्शन करने के बाद ही लोग अपनी यात्रा आगे बढ़ाते हैं।
इसी दुर्गम इलाके में भारतीय सेना के जवान हर मौसम में देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। बर्फ, तेज हवाओं और कठिन परिस्थितियों के बीच उनका साहस हर आने-जाने वाले को प्रेरित करता है।
प्राकृतिक खूबसूरती, रोमांच और देशभक्ति की भावना का अनूठा संगम चांग ला दर्रा लद्दाख की सबसे यादगार जगहों में से एक माना जाता है।
