CHHATTISGARH : Entire family wiped out, four pyres lit simultaneously for the first time in the village
रायपुर डेस्क। हिमाचल प्रदेश के चंबा में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने दुर्ग जिले के कुथरेल गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। 500 मीटर गहरी खाई में कार गिरने से आईटी इंजीनियर अरविंद चंद्राकर, उनकी पत्नी प्राची और दोनों मासूम बेटों की मौत हो गई। हादसे के पांच दिन बाद जब चारों के शव गांव पहुंचे तो हर आंख नम हो गई।
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मंगलवार को रायपुर एयरपोर्ट से एंबुलेंस के जरिए शव गांव लाए गए। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। इसके बाद अरविंद, उनकी पत्नी और दोनों बेटों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। गांव के लोगों का कहना है कि उन्होंने पहली बार एक ही परिवार की चार अर्थियां एक साथ उठते देखीं।
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बताया जा रहा है कि बच्चों की ताइक्वांडो प्रतियोगिता के बाद परिवार हिमाचल घूमने गया था। 29 मई की रात साच पास क्षेत्र के पास उनकी टैक्सी अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और किसी को बचाया नहीं जा सका।
इस हादसे में दूसरे परिवार के चार लोगों समेत कुल 8 लोगों की मौत हुई थी। खराब मौसम और दुर्गम पहाड़ी इलाके के कारण राहत-बचाव अभियान भी बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। स्थानीय लोगों, पुलिस और प्रशासन ने मिलकर शवों को खाई से बाहर निकाला था।

