सस्ता होगा अंडा और चिकन! सोयामील की जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम

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नई दिल्ली : देशभर में जल्द ही अंडे और चिकन की ऊंची कीमतों से राहत मिल सकती हैं. केंद्र ने सोयाखली के लिए जून 2022 तक भंडार रखने की सीमा लगा दी है. इसका सीधा मतलब ये हुआ कि जून 2022 तक अब कोई भी तय सीमा से ज्यादा स्टॉक नहीं रख पाएगा. स्टॉक लिमिट तय करने के कारण होर्डिंग यानी जमाखोरी नहीं होगी, जिससे अंडे और चिकन की कीमत कंट्रोल में रहेगी.पोल्ट्री फीड (मुर्गी के दाने) उद्योग में कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल होने वाले सोयाखली की जमाखोरी पर लगाम लगाने और कीमतों में आई तेजी को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है. एक सरकारी बयान में कहा गया है कि यह सीमा 30 जून, 2022 तक लागू रहेगी और इस संबंध में आदेश 23 दिसंबर के प्रभाव से जारी किया गया है.

90 दिनों का ही स्टॉक रख पाएंगे मालिक
इसके अलावा, सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की अनुसूची में संशोधन करके 30 जून, 2022 तक ‘सोयामील’ को एक आवश्यक वस्तु के रूप में घोषित करने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एक आदेश अधिसूचित किया है. सोयाखली प्रोसेसर, मिल मालिक और प्लांट मालिक अधिकतम 90 दिनों के उत्पादन का स्टॉक रख सकते हैं और उन्हें भंडारण स्थान घोषित करना जरूरी होगा.

लिमिट से ज्यादा स्टॉक होने पर देनी होगी जानकारी
सरकार द्वारा पंजीकृत कारोबारी कंपनियां, व्यापारी और निजी चौपाल एक निर्धारित और घोषित भंडारण स्थान के साथ अधिकतम 160 टन का स्टॉक रख सकते हैं. यदि कानूनी रूप से अहर्ता रखने वाली संस्थाओं द्वारा रखे गए स्टॉक निर्धारित सीमा से अधिक हैं, तो उन्हें अधिसूचना जारी होने के दिन से खाद्य मंत्रालय के पोर्टल http://evegoils.nic.in/soya_meal_stock/login पर घोषित करना होगा और इसे 30 के भीतर निर्धारित स्टॉक सीमा तक लाना होगा.

आंकड़ों और सूचनाओं की होगी निगरानी
बयान में कहा गया है कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सोयाबीन का स्टॉक नियमित रूप से घोषित किया जाए और पोर्टल पर सूचनाओं को अपडेट किया जाए. पोर्टल पर आंकड़ों व सूचनाओं की नियमित रूप से निगरानी की जाएगी और पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी. बयान में कहा गया है, ‘‘उपरोक्त उपायों से बाजार में ऐसे किसी भी अनुचित व्यवहार (जैसे जमाखोरी, कालाबाजारी आदि) को रोके जाने की उम्मीद है, जिसमें सोयामील की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना हो.’’ पशुपालन और डेयरी विभाग के परामर्श से स्टॉक की सीमा निर्धारित की गई है.

कमोडिटी की उपलब्धता बढ़ाने में मिलेगी मदद
एक आवश्यक वस्तु के रूप में सोयामील की अधिसूचना केंद्र सरकार और सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सोयामील के उत्पादन और वितरण को विनियमित करने का अधिकार देगी. बयान में कहा गया है कि इस कदम से अनुचित बाजार गतिविधियों पर अंकुश लगाने और पोल्ट्री फार्म और पशु चारा निर्माताओं जैसे उपभोक्ताओं के लिए कमोडिटी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी.

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