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तिरछी नजर : रमन के घर भूपेश के खाने की चर्चा

 

केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी रायपुर आए, तो सीएम भूपेश बघेल के घर गए । सीएम ने आतिथ्य सत्कार में कहीं कोई कसर बाकी नहीं रखी । उन्हें छत्तीसगढ़ी भोजन कराया । रमन सिंह के घर गडकरी के लिए हाई-टी का इंतजाम था । और जब गडकरी वहां पहुंचे, तो रमन सिंह, अपने पूरे परिवार के साथ गडकरी के स्वागत के लिए खड़े थे । गडकरी का स्वागत सत्कार के बाद नाश्ता आदि परोसा गया, तो उन्होंने यह कहते हुए नाश्ता करने से मना कर दिया कि भूपेश जी ने बहुत अच्छा सादा खाना खिलाया है । आप सिर्फ चाय पिला दीजिए । रमन सिंह के घर गडकरी के मुंह से भूपेश की कुछ लोग असहज भी हो गए।

पुनिया राज्यसभा की तैयारी में

चर्चा है कि पीएल पुनिया छत्तीसगढ़ से राज्यसभा में जाना चाहते हैं । उनकी दाऊजी से बंद कमरे बातचीत भी हुई । पुनिया जी की इच्छा है कि दाऊजी इसके लिए पहल करे । लेकिन दाऊजी क्या चाहते हैं यह अभी पता नहीं चला है । दूसरी तरफ, कांग्रेस के एक छोटे नेता अजय साहू ने अपने लिए करीबियों के जरिए सोशल मीडिया में राज्यसभा के लिए अभियान चला कर दिग्गजों की नींद उड़ा दी । कभी अमित जोगी के शागिर्द रहे अजय साहू को अहम पद मिलने के संकेत दाऊजी के पिता जी ने फेसबुक पर अपने एक पोस्ट में दिए । कुछ लोग बताते हैं कि नंदकुमार बघेल जी का सोशल मीडिया हैंडल करने वाले किसी विमल साहू के जरिए अजय ने अपने लिए अपने लिए अभियान चलाया है । अब कोई पद मिल या न मिले । अजय सुर्खियों में आ ही गया है ।

निशाने पर कलेक्टर

प्रदेश एक कलेक्टर जल्द ही सामाजिक कार्यकर्ताओं के घेरे में आने वाले हैं ।बताते हैं कि कलेक्टर ने पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री की अनुमति दी । यही नहीं, नंबर वन बनने की चाह में कलेक्टर महोदय ने मिलिंग के जितना धान उठाव की अनुमति दी थी उस अनुपात में ज्यादा चावल जमा हो गया । यानी पीडीएस में महोदय के संरक्षण में खेला हो गया ।विपक्ष के लोग इसलिए खामोश हैं कि गड़बड़ करने भाजपा से जुड़े लोग हैं । राजनीतिक दल गड़बड़ी पर चुप रहते हैं तो सामाजिक कार्यकर्ता आगे आते हैं । अब सामाजिक कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के मुद्दे को कैसे उठाते हैं ये देखने वाली बात होगी।

समाजिक गोलबन्दी से भाजपा में खौफ

साहू समाज में प्रभाव रखने वाली भाजपा को प्रदेश साहू संघ चुनाव में गहरा झटका लगा है ।कांग्रेस और भाजपा के साहू समाज के वरिष्ठ नेताओं ने गुपचुप तरीके से रणनीति तैयार कर शान्तनु साहू को प्रत्याशी बनाया था इस प्रत्याशी के खिलाफ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष संदीप साहू ने बेहतर रणनीति बना कर नए नवेले प्रत्याशी टहल सिंह साहू को भारी मतों से जिता कर प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी दिलवा दी । मजे की बात यह है कि भाजपा लम्बे समय से साहू समाज को साधने में लग रही ।

बताते हैं कि अम्बिकापुर इलाके के तमाम साहू नेताओं ने मिल कर कांग्रेस के समर्थन वाले अध्यक्ष को जिता कर सबको चौंका दिया । सामाजिक समीकरण को गोल बन्द कर अपने पक्ष में करने के कांग्रेस की रणनीति से भाजपा सबसे ज्यादा खौफजदा है।

ठेकेदारी में भाईचारा

टेन्डर में गहरी रूचि रखने वाले सक्रिय धन्धे बाज नेता इस समय ज्यादा परेशान है । नियम कानून के गहरे जानकर दो ठेकेदार योजनाबद्ध तरीके से मंत्रालय के अफसरों से लेकर फील्ड तक के अफसर से मिल कर नियम कानून अपने अनुरूप बनवाकर बडे बडे ठेके हासिल कर विरोधियो को चित कर दिए है।इस काम में भाई चारा काम आ रहा है । भाजपा के समय सक्रिय निर्माण विभागों के बडे़ ठेकेदार

को अपने साथ में रख कर काम करने कारण प्रमुख विपक्षी दल भाजपा भी सब कुछ जानते हुए जोर शोर से मुद्दा अभी तक नहीं बना पा रही है ।प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेताओ को घपले घोटालो की पूरी जानकारी है। मगर वे चाह कर भी कुछ नहीं बोल पा रहे हैं ।

 

बृजमोहन और संतोष को महत्व

राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे को भाजपा के केन्द्रीय नेतत्व व संघ से मिल रहे महत्व से उसके राजनीतिक भविष्य को आकलन करने लगे हैं। हाल मे केन्द्रीय मंत्री नीतिन गडकरी ने छत्तीसगढ के एक मात्र सांसद संतोष पांडे के नाम का सम्बोधन किया । उनकी मांग पर गंभीरता से चर्चा भी की । पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल कार्यक्रम मे अनुपस्थित रहे फिर भी प्रदेश भर के निर्माण कार्यो के शिलान्यास कार्यक्रम में उनका नाम लिया जाता रहा । गडकरी ने फोन पर बृजमोहन से बात भी की । वे पारिवारिक कार्यक्रम के चलतेप्रदेश से बाहर थे । गैर हाजिर रहने के बावजूद बृजमोहन को भरपूर महत्व मिला ।

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