CHURCH ENTRY : A board has been issued for church entry! 1500 applications have been received, Chandrakar asked why?
धमतरी. धमतरी में प्रार्थना सभा और मतांतरण को लेकर विवाद अब चर्चों के प्रवेश बोर्ड तक पहुंच गया है। जिला मुख्यालय के आठ चर्चों में प्रवेश संबंधी सूचना बोर्ड लगाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। क्रिश्चियन फोरम का कहना है कि इसका मकसद चर्च परिसर में अनुशासन और सुरक्षा बनाए रखना है। कुछ रिपोर्टों में जिले के करीब 40 चर्च और प्रार्थना सभा स्थलों पर ऐसे बोर्ड लगाए जाने की बात कही गई है।
इसी बीच धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू होने के बाद प्रार्थना सभाओं में शामिल होने को लेकर करीब 1500 आवेदन मिलने की बात सामने आई है। हालांकि प्रशासन की ओर से इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
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इस मुद्दे पर कुरुद विधायक अजय चंद्राकर ने सवाल उठाया कि अगर कोई व्यक्ति प्रार्थना सभा में जाना चाहता है तो उसे आवेदन क्यों देना पड़ रहा है। उन्होंने मिशनरियों पर कानून से बचने के लिए तरीके बदलने का आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या चर्च, मंदिर या मजार जाने के लिए भी आवेदन देना पड़ेगा। ये चंद्राकर के राजनीतिक आरोप और सवाल हैं।
अमित जोगी की कांग्रेस में वापसी की चर्चाओं पर भी चंद्राकर ने तंज कसा। वहीं कांग्रेस के संभावित मुख्यमंत्री चेहरों को लेकर भाजपा की पोस्ट पर उन्होंने कहा कि सपना देखने में कोई बुराई नहीं है।
सड़कों और गौवंश के मुद्दे पर भी चंद्राकर ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने पिछली सरकार के गौठानों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए. असम में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर पथराव को लेकर चंद्राकर ने घटना को गलत बताते हुए जांच की जरूरत कही। घटना को लेकर कांग्रेस और असम सरकार की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
CGPSC मामले पर चंद्राकर ने कहा कि पुराने मामलों की जांच शुरू होने पर कथित लेन-देन और अनियमितताओं को लेकर अनुमान से ज्यादा बातें सामने आती हैं।
