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PRIYANKA MURDER CASE : प्रशासनिक अफसर बनना चाहती थी प्रियंका, 4 दिन तक बदबू छुपाने परफ्यूम और सेंटेड अगरबस्ती का इस्माल करता रहा आरोपी

Crazy pharmacist killed Priyanka Sahu, kept the dead body hidden in the freezer till 4

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में भिलाई की छात्रा प्रियंका मर्डर केस में एक नया VIDEO सामने आया है। जिसमें हत्यारा आशीष साहू अपनी कार में शव को लेकर जाता दिख रहा है। दरअसल, शेयर मार्केट में घाटा होने के बाद उसने छात्रा की हत्या कर दी। छात्रा को उससे करीब 11 लाख रुपए लेने थे। वारदात के बाद चार दिन तक वह शव को अपनी दुकान में छिपाकर रखा रहा। इस दौरान दुकान व आसपास बदबू न फैले, इसलिए वह रोज परफ्यूम छिड़कता और सेंटेड अगरबस्ती का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस का शक उसकी ओर बढ़ा इससे पहले उसने लाश ठिकाने लगाने की योजना बनाई और उसे कार में भरकर अपनी बाड़ी में ले जाकर रख दिया। शव बरामद करने के साथ ही पुलिस ने आरोपी आशीष साहू को गिरफ्तार कर लिया है।

भिलाई सेक्टर 7 निवासी प्रियंका सिंह पिता बृजेश सिंह (24) सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के टिकरापारा मन्नू चौक स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में रूम लेकर रहती थी। वह यहां PSC की तैयारी कर रही थी। बीते 15 नवंबर को वह अचानक गायब हो गई। उसके परिजनों ने उसके मोबाइल पर कॉल किया, तब मोबाइल बंद मिला। उसके रूम पार्टनर से पूछने पर पता चला कि वह रूम नहीं लौटी है। इससे घबराए प्रियंका का भाई हिमांशु सिंह दूसरे दिन बिलासपुर पहुंचा और सिटी कोतवाली थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। तब से पुलिस उसकी लगातार तलाश में जुटी हुई थी।

स्कूल के समय से ही खुद का खर्च चलाती थी प्रियंका –

प्रियंका स्कूल के समय से ही पढ़ाई में होनहार थी। घर में आर्थिक परिस्थिति ठीक थी। उसके पापा बैंक में मैनेजर हैं और दादा BSP में कार्यरत थे। ऐसे में वह अपने पॉकिट मनी को बचाकर रखती और अपना खर्च चलाने के लिए इन्वेस्ट करती थी। वह ट्यूशन पढ़ाकर भी पैसे जुटाकर रखती थी।

हमेशा दोस्तों की मदद करती थी प्रियंका, उसे देखकर आशीष ने की दोस्ती –

दयालबंद के पंजाबी कॉलोनी स्थित जिस कोचिंग सेंटर में प्रियंका पढ़ने जाती थी। वह मेन रोड से अंदर है। लिहाजा, प्रियंका और उसकी सहेलियां सिटी फार्मेसी मेडिकल स्टोर सामने अपनी गाड़ी खड़ी करती थी। कोचिंग के बाद बाहर आने पर वहां सहेलियों से बातें करती थी। प्रियंका हमेशा अपनी सहेलियों की आर्थिक मदद करती थी और काफी उदार स्वभाव की थी। इसी दौरान करीब सात माह पहले आशीष से उसकी जान पहचान हुई। उसकी आर्थिक स्थिति को जानकर आशीष ने उसे शेयर मार्केट में प्राफिट होने की जानकारी दी। इसके बाद प्रियंका हर माह शेयर मार्केट में पैसे लगाने लगी। उसके शेयर मार्केट के पैसे पर प्रतिमाह 40 प्रतिशत का प्रॉफिट हो रहा था। पिछले माह प्रियंका ने 12 लाख रुपए आशीष को दी थी, जिसमें से साढ़े तीन लाख रुपए प्रॉफिट देने की बात दोनों के बीच तय हुई थी। पर शेयर मार्केट में हुए घाटे की वजह से आशीष रकम नहीं दे पाया। वहीं, प्रियंका ने पैसे देने के लिए उस पर दबाव बनाया, तब उसने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।

प्रशासनिक अफसर बनना चाहती थी प्रियंका –

पढ़ाई में होनहार प्रियंका प्रशासनिक अफसर बनना चाहती थी। यही वजह है कि वह शहर आकर PSC की तैयारी कर रही थी। दिसंबर में उसका कोचिंग पूरा होने वाला था। इसके बाद वह अपने घर जाकर तैयारी करने की योजना बनाई थी।

शादीशुदा है आरोपी फार्मासिस्ट –

कस्तूरबा नगर निवासी आशीष साहू ने चौकसे कॉलेज से फार्मेसी किया। इसके बाद अपनी डिग्री हासिल कर वह दयाबंद में सिटी फार्मेसी के नाम से मेडिकल स्टोर संचालित करने लगा। मेडिकल दुकान नहीं चलने पर वह शेयर मार्केट में पैसा लगाने लगा। साल 2020 में उसकी शादी हो गई।

पैसे मांगने पहुंची तब गला दबाकर मार डाला, चार दिन तक दुकान में रखा रहा शव –

15 नवंबर को दोपहर करीब डेढ़ बजे प्रियंका आशीष साहू की दुकान पहुंची थी। इस दौरान वह पैसे मांगते हुए आशीष को चिल्लाने लगी। आशीष ने उसे दुकान के अंदर बैठकर बात करने बुलाया। फिर दुकान का शटर गिरा दिया। प्रियंका के मना करने पर उसने ग्राहक आने पर डिस्टर्ब होने की बात कहने लगा। बातचीत के दौरान ही उनके बीच बहस हो गई और आशीष ने गला दबाकर प्रियंका को मार दिया। इस दौरान प्रियंका के चिल्लाने पर आवाज न आए इसलिए उसने मेडिकल स्टोर में रखे रूई का बंडल निकालकर उसके मुंह में दबा दिया। हत्या के इस वारदात में हैरानी की बात यह है कि आरोपी आशीष चार दिन तक लाश को दुकान में छिपाकर रखा रहा और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। दुकान और आसपास बदबू न फैले, इसके लिए आरोपी आशीष परफ्यूम और सेंटेड अगरबस्ती का उपयोग करता रहा।

घरवालो के साथ थाने पहुंचा आरोपी –

प्रियंका का भाई और परिजन जब उसके गायब होने की शिकायत लेकर कोतवाली थाना पहुंचे, तब आरोपी आशीष भी उनके साथ था। इस दौरान CCTV की जांच करने पर पता चला कि प्रियंका रूम से निकलकर आशीष के मेडिकल स्टोर में अंतिम बार देखी गई थी। पुलिस ने आशीष की दुकान पहुंच कर जांच भी की। लेकिन, वहां CCTV बंद मिला।

CCTV से मिला सबूत –

आरोपी आशीष साहू के पकड़े जाने और प्रियंका की लाश कार से बरामद होने के बाद पुलिस ने दोबारा जांच की, तब सामने की दुकान का CCTV फुटेज देखा गया, जिसमें शनिवार की सुबह करीब 4 बजे आशीष अपनी दुकान से प्रियंका का शव निकालते नजर आ रहा है। पुलिस ने दुकान के CCTV से फुटेज निकाल लिया है।

नाली में मिला प्रियंका का मोबाइल –

आरोपी आशीष साहू ने प्रियंका की हत्या की बात कबूल ली है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर उसकी दुकान के सामने नाली से प्रियंका का मोबाइल भी बरामद कर लिया है, जिसे उसने हत्या की वारदात के बाद नाली में डाल दिया था।

R.O. No. 12237/11

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