CME organized to shape the future of young ophthalmologists.
रायपुर, 14 जून। चिकित्सा क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच युवा चिकित्सकों के लिए सही करियर मार्गदर्शन आज पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए श्री गणेश विनायक आई हॉस्पिटल द्वारा रविवार को “Eyes on the Future: Navigating Career Choices and Opportunities for the Young Ophthalmologists” विषय पर एक विशेष सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अस्पताल के तृतीय तल स्थित सेमिनार हॉल में संपन्न हुआ, जिसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए युवा नेत्र रोग विशेषज्ञों, रेजिडेंट डॉक्टरों और फेलोज़ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत उद्बोधन के साथ हुई, जिसमें डॉ. चारुदत्त कलमकर, डायरेक्टर, श्री गणेश विनायक आई हॉस्पिटल ने बताया कि मेडिकल शिक्षा पूरी करने के बाद अधिकांश युवा चिकित्सकों के सामने करियर से जुड़े अनेक विकल्प होते हैं, लेकिन सही दिशा और मार्गदर्शन के अभाव में निर्णय लेना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में इस CME का उद्देश्य युवा नेत्र विशेषज्ञों को उनके पेशेवर भविष्य के विभिन्न आयामों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ वक्ताओं ने निजी प्रैक्टिस, कॉर्पोरेट हॉस्पिटल्स, अकादमिक क्षेत्र, रिसर्च, फेलोशिप प्रशिक्षण, सब-स्पेशियलिटी अवसरों और उद्यमिता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक सफल नेत्र रोग विशेषज्ञ बनने के लिए केवल क्लीनिकल दक्षता ही नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता, संचार कौशल, नैतिक चिकित्सा दृष्टिकोण और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति भी उतनी ही आवश्यक है।
विशेषज्ञों ने युवाओं को यह भी समझाया कि आधुनिक नेत्र चिकित्सा में तकनीकी नवाचारों और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में नई तकनीकों को अपनाना, अनुसंधान गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाना तथा वैश्विक स्तर पर हो रहे विकास से स्वयं को अपडेट रखना समय की मांग है।
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण संवादात्मक सत्र रहा, जिसमें युवा चिकित्सकों ने करियर निर्माण, फेलोशिप चयन, विदेशों में प्रशिक्षण के अवसर, निजी प्रैक्टिस शुरू करने की चुनौतियों तथा कार्य-जीवन संतुलन जैसे विषयों पर खुलकर प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने इन प्रश्नों के व्यावहारिक और प्रेरणादायक उत्तर देकर प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि मेडिकल शिक्षा के दौरान इस प्रकार के करियर-केंद्रित कार्यक्रमों की कमी महसूस होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच न केवल ज्ञानवर्धन करते हैं, बल्कि युवा चिकित्सकों को अपने भविष्य की बेहतर योजना बनाने में भी सहायता प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. चारुदत्त कलमकर, डायरेक्टर, श्री गणेश विनायक आई हॉस्पिटल ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना ही नहीं, बल्कि युवा चिकित्सकों के शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास में भी सक्रिय योगदान देना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक और करियर उन्मुख कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा, ताकि आने वाली पीढ़ी के नेत्र रोग विशेषज्ञ अधिक सक्षम, आत्मविश्वासी और समाज के प्रति उत्तरदायी चिकित्सक बन सकें।
यह CME युवा नेत्र रोग विशेषज्ञों के लिए न केवल ज्ञानवर्धन का अवसर साबित हुआ, बल्कि उनके पेशेवर भविष्य को नई दिशा और प्रेरणा देने वाला एक महत्वपूर्ण मंच भी बना।
