10 students from Raipur, Durg, Bilaspur and Jabalpur will be together in the Marathi tradition of Munj.
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल और महाराष्ट्र संस्कार केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार, 16 जून को सामूहिक मुंज (उपनयन संस्कार) का आयोजन मंडल भवन में किया गया है। मंडल के सचिव और महाराष्ट्र संस्कार केंद्र के संस्थापक आचार्य चेतन गोविंद दंडवते के नेतृत्व में होने वाले इस आयोजन में रायपुर के अलावा दुर्ग, बिलासपुर और जबलपुर के मराठी परिवारों के बटुक शामिल होंगे।
आचार्य दंडवते ने बताया कि महाराष्ट्र संस्कार केंद्र और महाराष्ट्र मंडल के इस संयुक्त आयोजन का उद्देश्य परिवार में पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक भार को कम करना और मराठी समाज को एक छत के नीचे एकत्रित करने का है। आयोजन का यह 25वां वर्ष है। इस वर्ष अब तक 10 बटुकों का पंजीयन हो गया है। पूर्णतः वैदिक पद्धति और मंत्रोच्चार के साथ उपनयन संस्कार संपन्न कराया जाएगा। आयोजन की पूर्व संध्या को कार्यक्रम को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है।
आचार्य दंडवते के अनुसार इस वर्ष रायपुर से चि. उत्कर्ष पंकज जोशी, चि. संस्कार समीर वरहाड़पांडे, चि. रोहिन राहुल वरहाडपांडे, चि. अहान अतुल राहटगांवकर, चि. तनुष तुषार विंचुरकर और चि. प्रथमेश आशीष मोडक ने पंजीयन कराया है। वहीं दुर्ग निवासी अमित जोशी अपने दोनों पुत्रों नीरव और आरव का मुंज करा रहे हैं। इसके सात चि. दक्ष भुसारी बिलासपुर और जबलपुर से चि. आदीश हर्षे के स्वजनों ने पंजीयन कराया है।
दंडवते ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य न्यूनतम खर्च पर श्रेष्ठतम सुविधाओं के साथ सामूहिक उपनयन संस्कार करना है। दंडवते के मुताबिक महाराष्ट्र संस्कार केंद्र और महाराष्ट्र मंडल साथ मिलकर यह आयोजन प्रतिवर्ष करते हैं और इस आयोजन का यह 25वां रजत जयंती वर्ष है। इसके अलावा भी महाराष्ट्र मंडल में सामूहिक मंगलागौर पूजा, मराठी वर- वधू परिचय सम्मेलन, महाशिवरात्रि पर्व पर सामूहिक लघु रुद्राभिषेक जैसे आयोजन कर समाज की एकजुटता के लिए जतन किए जाते हैं। साथ ही निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए रियायती फीस पर ऐसे सांस्कारिक व पारंपरिक आयोजन किए जाते हैं।ऐसे आयोजन से उन परिवार को भी सहायता मिल जाती है, जो आर्थिक रूप से कुछ कमजोर हैं।
