Children are being made to do the cleaning in the government school of Belgahna.
विकास समनानी, ब्यूरो चीफ, दैनिक छत्तीसगढ़ वॉच, बिलासपुर
बेलगहना (बिलासपुर)। बिलासपुर जिले के बेलगहना क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलता एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां के शासकीय प्राथमिक शाला बैगापारा में पढ़ने वाले मासूम बच्चों के हाथों में किताबों की जगह झाड़ू थमा दी गई है। शिक्षा के मंदिर में बच्चों से कराई जा रही इस साफ-सफाई ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कूल में जब कक्षाएं लगनी चाहिए, उस वक्त बच्चे कक्षाओं और स्कूल परिसर में झाड़ू लगाते नजर आए। इस संबंध में जब स्कूल के बच्चों से बात की गई, तो उन्होंने मासूमियत से बताया कि स्कूल का चपरासी (सफाई कर्मचारी) नहीं आया था। कर्मचारी के नहीं आने पर शिक्षकों द्वारा स्कूल की साफ-सफाई का जिम्मा बच्चों को ही सौंप दिया गया।
व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल
इस घटना ने शासन की व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है। शासन द्वारा स्कूलों की साफ-सफाई के लिए बाकायदा कर्मचारियों की नियुक्ति की जाती है और उन्हें वेतन दिया जाता है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यदि सफाई कर्मचारी अनुपस्थित था, तो इसका खामियाजा छोटे बच्चे क्यों भुगतें? बच्चों से स्कूल में काम कराना न केवल शिक्षा के अधिकार का हनन है, बल्कि यह बाल श्रम की श्रेणी में भी आता है।
जिम्मेदार अधिकारी ने साधी चुप्पी
इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों का रवैया भी घोर लापरवाही भरा नजर आ रहा है। घटना के संबंध में जब ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) गोपाल दुबे से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन रिसीव करना ही मुनासिब नहीं समझा। अधिकारियों की यह चुप्पी मामले की गंभीरता को और बढ़ा देती है।
अभिभावकों ने की कार्रवाई की मांग
स्कूल में बच्चों से झाड़ू लगवाने की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है। अभिभावकों का कहना है कि वे अपने बच्चों को स्कूल पढ़ने के लिए भेजते हैं, न कि वहां साफ-सफाई करने के लिए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस मामले की तत्काल जांच कराई जाए और दोषी शिक्षकों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या शिक्षा विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कोई ठोस कार्रवाई करता है, या फिर भविष्य में नौनिहालों को ऐसे ही झाड़ू पकड़ने पर मजबूर होना पड़ेगा।
