CHHATTISGARH : Questions raised on Pharmacy Council’s expenditure, demand for account of Rs 25 lakh!
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल की कार्यप्रणाली एक बार फिर विवादों में है। आगामी 5 नवंबर को होने वाले कार्यक्रम के आयोजन पर लाखों रुपये खर्च करने की तैयारी को लेकर काउंसिल के अध्यक्ष अरुण मिश्रा और रजिस्ट्रार अश्वनी गुरुद्वेकर पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
आरोप है कि फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से कार्यक्रम के लिए 15 लाख रुपये मिले हैं। इसके बावजूद करीब 10 लाख रुपये की अतिरिक्त वित्तीय स्वीकृति दी गई। सवाल यह भी उठ रहा है कि आमसभा की बैठक के बिना इतना बड़ा वित्तीय फैसला कैसे लिया गया? जबकि रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में कम खर्च में कार्यक्रम हो सकता था।
फार्मासिस्ट के आरोपों ने बढ़ाई मुश्किल
विवाद सिर्फ कार्यक्रम के खर्च तक सीमित नहीं है। फार्मासिस्ट अभिषेक चंद्रा ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि अध्यक्ष अरुण मिश्रा और रजिस्ट्रार के माध्यम से उन पर दबाव बनाया जा रहा है। उनके लाइसेंस से जुड़े मामले में भी व्यक्तिगत आपत्ति के आधार पर निर्णय प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
शासन से जांच कराने की मांग
मांग की गई है कि 15 लाख के अनुदान, अतिरिक्त 10 लाख की स्वीकृति, आमसभा की अनुमति और वित्तीय प्रक्रिया की जांच कराई जाए। साथ ही अभिषेक चंद्रा के आरोपों की भी पड़ताल हो।
अब सवाल है कि फार्मासिस्टों की समस्याओं के बीच काउंसिल के खर्च और फैसलों पर उठ रहे सवालों का जवाब कौन देगा?


