CG SIR VOTER LIST : Strict action against suspicious names in SIR, Deputy CM warns of strict action
रायपुर, 29 नवंबर। छत्त्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में पाए जा रहे संदिग्ध और संभावित फर्जी नामों पर सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची की शुचिता पर किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं होगा और हर संदिग्ध प्रविष्टि की गहन जांच कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
2003 के रिकॉर्ड से होगी क्रॉस-चेकिंग
शर्मा ने बताया कि जिन व्यक्तियों का वर्ष 2003 के मूल रिकॉर्ड में परिवार का कोई सदस्य या ब्लड रिलेशन दर्ज नहीं है, लेकिन उनके नाम वर्तमान मतदाता सूची में दिखाई दे रहे हैं, उनकी विशेष जांच होगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का कोई पुराना रिकॉर्ड नहीं मिलता, तो उनके मूल निवास और नागरिकता की भी जांच की जाएगी।
फर्जी दस्तावेज़ों पर सख्त दंड
सरकार ने साफ किया है कि निम्न मामलों में तुरंत आपराधिक केस दर्ज होगा –
फर्जी नामों को मतदाता सूची में जोड़ना
दस्तावेज़ों में गंभीर विसंगतियां
पारिवारिक संबंध साबित न होना
संदिग्ध या झूठा निवास प्रमाण
अवैध प्रवासियों से जुड़ी आशंका
शर्मा ने कहा, “ऐसे मामलों में विदेशी अधिनियम और अवैध प्रवासी अधिनियम सहित कठोर धाराओं में कार्रवाई होगी। दोषियों को जेल भेजने में कोई हिचक नहीं होगी।”
अवैध प्रवासियों पर बढ़ी नजर
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि देश के संसाधनों और अधिकारों पर केवल भारत के वैध नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने चेतावनी दी “जो लोग अवैध रूप से देश में प्रवेश कर वोटर सूची में सेंध लगा रहे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।”
वैध नागरिकों को चिंता की जरूरत नहीं
शर्मा ने नागरिकों से अपील की कि एसआईआर एक नियमित और आवश्यक प्रक्रिया है। बीएलओ लगातार काम कर रहे हैं और नागरिक ऑनलाइन फॉर्म भरकर भी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि “वैध नागरिकों को किसी भी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।”
घुसपैठियों को कड़ा संदेश
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सीमाओं पर भी लगातार कार्रवाई हो रही है और घुसपैठियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। “जो देश में घुसपैठ कर हमारे अधिकार और संसाधनों पर कब्जा करना चाहते हैं, उन्हें भारत किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगा,” उन्होंने कहा।

