CG BREAKING: Poor performance in board exams! Action taken against 18 principals and lecturers, salary hike stopped
बिलासपुर। जिला शिक्षा विभाग ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में खराब प्रदर्शन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम 30 प्रतिशत से कम रहा, उनके प्राचार्य और व्याख्याताओं पर कार्रवाई करते हुए एक वेतन वृद्धि रोक दी गई है। साथ ही, उन्हें चेतावनी दी गई है कि अगर भविष्य में भी ऐसा प्रदर्शन जारी रहा, तो कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग ने लिया बड़ा एक्शन
शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षाओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। बोर्ड परीक्षा 2023-24 के बाद शिक्षा सचिव ने सभी जिलों से रिपोर्ट तलब कर स्कूलवार परिणामों की समीक्षा की थी। इस समीक्षा के आधार पर खराब प्रदर्शन करने वाले स्कूलों के प्राचार्य और व्याख्याताओं के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
कार्रवाई की गई स्कूलों की सूची
जिन स्कूलों के प्राचार्य और व्याख्याताओं पर कार्रवाई की गई है, उनमें शामिल हैं:
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माल्दा: प्रभारी प्राचार्य और दो व्याख्याता।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोसीर: प्रभारी प्राचार्य और तीन व्याख्याता।
शासकीय हाईस्कूल गौरडीह: प्राचार्य और एक व्याख्याता।
शासकीय हाईस्कूल सरसींवा: प्रभारी प्राचार्य और चार व्याख्याता।
शासकीय हाईस्कूल गोरबा: प्रभारी प्राचार्य और एक व्याख्याता।
शासकीय हाईस्कूल रामपुर: प्रभारी प्राचार्य और एक व्याख्याता।
भविष्य में होगी कड़ी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए ठोस प्रयास करें। अगर ऐसी स्थिति भविष्य में दोबारा देखने को मिलती है, तो संबंधित प्राचार्य और व्याख्याताओं के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा में सुधार के प्रयास
शिक्षा सचिव ने कहा है कि विभाग परीक्षा परिणामों को सुधारने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। शिक्षकों और प्राचार्यों को भी छात्रों के प्रदर्शन सुधारने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने की आवश्यकता है।
यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बेहतर परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

