दुर्ग। संचालक एससीईआरटी रायपुर के आदेशानुसार डाइट दुर्ग अछोटी में हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल के व्याख्याताओं के लिए ब्लू-प्रिंट पर आधारित प्रश्न निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण प्राचार्य पी.सी. मरकले के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है।
प्राचार्य पी.सी. मरकले ने बताया कि यह प्रशिक्षण कक्षा 10वीं एवं 12वीं पढ़ाने वाले विषयवार शिक्षकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे शिक्षकों में संतुलित एवं उद्देश्यपूर्ण प्रश्न पत्र निर्माण की क्षमता विकसित होगी। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा ब्लू-प्रिंट, ब्लूम टैक्सोनॉमी के छह आयाम—ज्ञान, अवबोध, अनुप्रयोग, विश्लेषण, मूल्यांकन एवं सृजन—पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
सहायक प्राध्यापक डॉ. भट्टाचार्य ने बताया कि संतुलित प्रश्न पत्र निर्माण में शैक्षिक उद्देश्यों, प्रश्नों के स्वरूप एवं अंकों का समुचित ध्यान रखना आवश्यक है। उन्होंने विद्यालयी संस्कृति एवं भारतीय ज्ञान परंपरा पर भी प्रकाश डाला। वहीं सहायक प्राध्यापक डॉ. नीलम दुबे एवं डॉ. वंदना सिंह ने नई शिक्षा नीति 2020, नवीन पाठ्य सामग्री, आंकलन प्रक्रिया एवं पंचकोश सिद्धांत पर विस्तृत जानकारी दी।
नोडल अधिकारी सत्येंद्र शर्मा ने बताया कि यह प्रशिक्षण लर्निंग आउटकम्स, ब्लू-प्रिंट, ब्लूम टैक्सोनॉमी एवं विभिन्न विषयवस्तुओं पर केंद्रित है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सभी ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (BRP) अपने-अपने विकासखंड में जाकर हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल के व्याख्याताओं को विषयवार प्रशिक्षण देंगे।
यह प्रशिक्षण 10 से 14 दिसंबर एवं 15 से 19 दिसंबर तक दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। दुर्ग, पाटन, धमधा, बालोद, गुंडरदेही, गुरूर, डौंडीलोहारा एवं डौंडी विकासखंडों से कुल 117 व्याख्याताओं को प्रशिक्षण हेतु आमंत्रित किया गया है।
प्रशिक्षण में डीआरजी मास्टर ट्रेनर्स के रूप में सपना सोनी (भौतिकी), रत्ना साहू (जीव विज्ञान), रेखारानी मिश्रा (अंग्रेजी), संजय भुवाल (गणित), कोमल देशमुख (रसायन), राजकुमार गेंद्रे (राजनीति विज्ञान), चंद्रशेखर साहू (भूगोल) एवं दिनेश कुमार साहू (हिंदी-संस्कृत) सहयोग दे रहे हैं।
संस्थान के संकाय सदस्य अनुजा मुरेकर, सुषमा हिरवानी, तृप्ति चंद्रवंशी, अभा वर्मा, देवकी महिपाल, डॉ. हेमंत साहू, संदीप दुबे एवं गोपाल शुक्ला भी प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता निभा रहे हैं।
समापन अवसर पर प्रतिभागियों के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा हेतु बीआईटी भिलाई के सहायक प्राध्यापक भूपेंद्र कुलदीप एवं हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलसचिव को आमंत्रित किया गया है।

