CG HIGHCOURT : Relief to 450 vegetable traders…
बिलासपुर, 23 दिसंबर 2025। बिलासपुर के बृहस्पति बाजार को लेकर चल रहा विवाद अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। कोर्ट से सब्जी व्यापारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। हाईकोर्ट ने वर्षों से बृहस्पति बाजार में सब्जी व्यवसाय कर रहे करीब 450 व्यापारियों के विस्थापन पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश नगर निगम द्वारा जारी नोटिस को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के बाद दिया गया।
दरअसल, नगर निगम बिलासपुर बृहस्पति बाजार क्षेत्र में 13 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से आधुनिक मल्टी लेवल सब्जी बाजार और कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इसी योजना के तहत मौजूदा बाजार को हटाने की तैयारी की जा रही थी और व्यापारियों को 7 दिन के भीतर दुकान खाली करने का नोटिस जारी किया गया था।
नोटिस मिलते ही व्यापारियों में हड़कंप मच गया। व्यापारियों का कहना था कि वे वर्षों से यहां रोजी-रोटी कमा रहे हैं, लेकिन उन्हें बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक हटाने की तैयारी की जा रही है। इसी के खिलाफ व्यापारियों ने हाईकोर्ट का रुख किया।
सुनवाई के दौरान व्यापारियों की ओर से दलील दी गई कि नगर निगम ने नोटिस जारी करते समय नियमों और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं किया। कोर्ट ने माना कि बिना पुनर्वास की ठोस योजना के इतनी कम समय-सीमा में दुकान खाली कराने का आदेश उचित नहीं है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जब तक व्यापारियों के लिए वैकल्पिक स्थान की लिखित और ठोस व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक विस्थापन नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर कोर्ट ने 450 सब्जी व्यापारियों के विस्थापन पर स्टे लगा दिया। स्टे आदेश के बाद नगर निगम फिलहाल किसी भी व्यापारी को हटाने की कार्रवाई नहीं कर सकेगा।
व्यापारियों का कहना है कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन “पहले पुनर्वास, फिर निर्माण” की नीति अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि जब नया मल्टी लेवल कॉम्प्लेक्स बनकर तैयार हो, तो उन्हें प्राथमिकता के आधार पर वहीं दुकानें आवंटित की जाएं।

