कानपुर। भारत में धनकुबेरों की कोई कमी नहीं है, लेकिन इस फेहरिस्त में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनकी कमाई के स्त्रोतों का ही पता नहीं है, फिर भी उनके घर की आलमारियां, तहखाने और तो और गुसलखाने भी जब भारतीय मुद्रा उगलना शुरु करते हैं, तो गिनने वाली मशीनें भी थक जाती हैं, तो टकसाल भी मारे शर्म के पानी—पानी हो जाता है।
कुछ यही हाल उत्तरप्रदेश के बड़े शहर कानपुर से सामने आया है, जहां पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबी कारोबारी पीयूष जैन के घर के तहखाने से नगद 250 करोड़ की बरामदगी हुई है।

आयकर विभाग ने पूर्व सीएम यादव के कुछ और करीबियों के साथ ही समाजवादी पार्टी के विश्वस्त लोगों के ठिकानों पर जब दबिश दी थी, तो हासिल शून्य हुआ था, लेकिन पीयूष जैन के ठिकानों पर जब दबिश दी गई, तो विभागीय अफसरों की आंखे चौंधियाना स्वाभाविक था।
आयकर विभाग ने जैन के ठिकानों पर दबिश देने के बाद करीब 150 घंटे तक छानबीन की, 50 घंटे तक पूछताछ की, तब जाकर यह बड़ी सफलता मिली है। बताया जा रहा है कि जैन के घर के तहखाने को जब खोला गया, तो वहां केवल नगद ही नगद नजर आ रहे थे। उन नगदी को गिनने के लिए 8 मशीनों का उपयोग किया, फिर भी 24 घंटे कम पड़ गए।

