रायपुर। छत्तीसगढ़ में डॉक्टरों की लंबित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ डॉक्टर फेडरेशन (CGDF) ने मोर्चा खोल दिया है। फेडरेशन ने रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल को ज्ञापन सौंपकर मानदेय बढ़ाने से लेकर बॉन्ड सेवा अवधि में कटौती तक कई मांगें रखीं। अब डॉक्टरों को उम्मीद है कि उनकी मांगें राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचेंगी।
NOC से लेकर मानदेय तक उठे मुद्दे
फेडरेशन ने उच्च शिक्षा के लिए NOC जारी करने की प्रक्रिया आसान बनाने की मांग की है। डॉक्टरों का कहना है कि NOC के लिए संपत्ति गिरवी रखने की शर्त हटाकर शपथ-पत्र के आधार पर अनुमति दी जानी चाहिए।
इसके अलावा सामान्य क्षेत्रों में MBBS बॉन्डेड डॉक्टरों का मानदेय 70 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई है। संविदा जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का मानदेय भी 50 हजार से बढ़ाकर कम से कम 70 हजार रुपये करने की मांग रखी गई। MD/MS अनुबंधित डॉक्टरों की वेतन विसंगतियां दूर करने की बात भी ज्ञापन में शामिल है।
बॉन्ड नीति में बदलाव की मांग
फेडरेशन ने स्नातक और स्नातकोत्तर के बाद की अनुबंधित सेवा अवधि में एक-एक साल की कटौती करने तथा अन्य राज्यों की तरह व्यावहारिक बॉन्ड नीति लागू करने की मांग की है।
फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह लोधी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के सामने इन मुद्दों पर पहल करने का अनुरोध किया। इस दौरान डॉ. गंधर्व पांडे, डॉ. योगेश्वर स्वर्णकार और डॉ. प्रवीण प्रधान मौजूद रहे।
फेडरेशन का कहना है कि बेहतर मानदेय, उच्च शिक्षा के अवसर और पारदर्शी नियमों से विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ सकती है और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकती हैं। इस अवसर पर नई कार्यकारिणी को भी बधाई दी गई।
