मुंबई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भारतीय शेयर बाजार की चिंता बढ़ा दी है। सेंसेक्स लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। महज चार कारोबारी सत्रों में BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार मूल्य करीब 20.79 लाख करोड़ रुपये घट गया। इस सप्ताह सेंसेक्स 1,605 अंक से ज्यादा टूट चुका है।
महंगे तेल ने बढ़ाई चिंता
शुक्रवार को सेंसेक्स 125.56 अंक गिरकर 73,123.83 पर बंद हुआ। वहीं, ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 3 प्रतिशत उछलकर 116.73 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा पश्चिम एशिया में संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं से तेल की आपूर्ति प्रभावित होने का डर बढ़ा है।
महंगा कच्चा तेल भारत के आयात बिल और कंपनियों की लागत पर दबाव डाल सकता है। इससे महंगाई बढ़ने की आशंका के चलते निवेशक सतर्क हैं। अमेरिकी शेयर बाजारों में कमजोरी, रुपये में गिरावट और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने भी घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ाया।
इन शेयरों में दिखी कमजोरी
शुक्रवार को टाटा स्टील और अडानी पोर्ट्स के शेयर 3 प्रतिशत से ज्यादा टूटे। ट्रेंट, टेक महिंद्रा, BEL और इंडिगो समेत कई शेयर भी गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज, TCS, इंफोसिस और ICICI बैंक जैसे कुछ शेयरों में तेजी दर्ज की गई।
अगले हफ्ते इन संकेतों पर नजर
निवेशकों की नजर जियो प्लेटफॉर्म्स की प्रस्तावित लिस्टिंग, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों का रुख भी बाजार की दिशा तय करने में अहम होंगे।
