SUPREME COURT : NHAI approaches SC over shelter cost of Rs 7,000 crore
नई दिल्ली। देशभर में आवारा मवेशियों के लिए शेल्टर होम बनाने के निर्देश को लेकर NHAI सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। NHAI का कहना है कि पूरे देश में ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर करीब 7,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और यह जिम्मेदारी स्थानीय जिला प्रशासन की होनी चाहिए।
मामले पर सोमवार को प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने सुनवाई हुई। NHAI की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने विशेष पीठ गठित करने की मांग रखी, जिस पर CJI ने सहमति जताई।
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NHAI की दलील है कि आवारा पशुओं को हटाने, पकड़ने और उनके लिए आश्रय की व्यवस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों और संबंधित हाईवे प्रशासन की है। वहीं सुप्रीम कोर्ट के सामने इस पूरे मामले में अलग-अलग सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारियों को लेकर सुनवाई चल रही है।
अब इस मामले में गठित होने वाली विशेष पीठ NHAI की अर्जी पर आगे सुनवाई करेगी। यानी मामला सिर्फ शेल्टर बनाने का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और हजारों करोड़ के खर्च का भी है।
