SUPREME COURT : Student issued Rs 5 lakh bond notice, SC seeks magistrate’s reply
नई दिल्ली। छात्रों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के छात्र अक्षत त्रिपाठी को जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने के मामले में ग्रेटर नोएडा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने 5 लाख रुपये के निजी मुचलके का नोटिस दिया था।
मामले की सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सवाल उठाया कि जब सुप्रीम कोर्ट पहले ही छात्रों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा चुका है, तो मजिस्ट्रेट ने नोटिस कैसे जारी कर दिया?
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अदालत को बताया गया कि नोटिस पुलिस के अनुरोध पर जारी हुआ था। हालांकि बाद में नोटिस वापस ले लिया गया। इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण मांगने की बात कही।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर को छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR में आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई थी। ऐसे में नोटिस जारी होने पर कोर्ट ने प्रशासन से जवाब तलब करने का संकेत दिया है।
अब नजर इस बात पर है कि मजिस्ट्रेट नोटिस जारी करने के पीछे क्या वजह बताते हैं और पुलिस के अनुरोध का आधार क्या था।
