RAKHI MUHURAT: No Bhadra obstruction; barring Rahu Kaal the bond of love between siblings can be celebrated throughout the day.
RAKHI MUHURAT: भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा की बाधा नहीं रहेगी। पंडित ने बताया कि शुक्रवार और पूर्णिमा का संयोग परहेगी।
शुभता को और बढ़ा रहा है। ऐसे में बहनें सुबह से शाम तक भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी। पंडित के अनुसार राहुकाल को छोड़कर बहनें पूरे दिन राखी बांध सकती हैं। राहुकाल सुबह 10.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। इस अवधि को छोड़कर सुबह से शाम तक राखी बांधने के लिए पर्याप्त समय रहेगा।
इससे परिवारों को शुभ मुहूर्त को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। बीते वर्षों में रक्षाबंधन के दिन भद्रा का समय अलग-अलग रहा है जिसके कारण राखी बांधने के शुभ समय को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति रहती थी।
इस बार भद्रा की बाधा नहीं होने से बहनों को राखी बांधने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा और दिनभर रक्षाबंधन का त्योहार उत्साह के साथ मनाया जा सकेगा। इस संयोग को भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने और आपसी प्रेम बढ़ाने वाला शुभ संयोग बता रहे हैं।
शुक्रवार पूर्णिमा और भद्रा की बाधा न होने के कारण इस बार रक्षाबंधन को लेकर लोगों में खास उत्साह है। बहनें शुभ समय में भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुखी और स्वस्थ जीवन की कामना करेंगी।
