CHHATTISGARH : Seniority will not decrease due to transfer!
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों के लिए हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि सिर्फ प्रशासनिक तबादले की वजह से किसी कर्मचारी की अर्जित सीनियरिटी खत्म नहीं की जा सकती।
डिवीजन बेंच ने वन विभाग के 2014 के उस सर्कुलर पर रोक लगाई, जिसके तहत दूसरे वन वृत्त में ट्रांसफर होने वाले कर्मचारियों को वरिष्ठता सूची में सबसे नीचे रखा जाता था।
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मामला 2013 में भर्ती हुए फॉरेस्ट गार्ड्स से जुड़ा है। कर्मचारियों का कहना था कि उनका तबादला प्रशासनिक कारणों से हुआ, लेकिन उनकी भर्ती मेरिट को नजरअंदाज कर सीनियरिटी घटा दी गई, जिससे प्रमोशन पर असर पड़ा।
हाईकोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक ट्रांसफर कोई सजा नहीं है। जब तक कानून में स्पष्ट प्रावधान न हो, तबादले के आधार पर कर्मचारी की मूल वरिष्ठता खत्म नहीं की जा सकती।
कोर्ट ने संबंधित सर्कुलर की शर्त को संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के खिलाफ बताते हुए निरस्त किया और राज्य सरकार को 90 दिनों के भीतर भर्ती मेरिट के आधार पर सीनियरिटी दोबारा तय करने का निर्देश दिया।
