HAMAAR LAB SCAM : High Court gives major decision in Hamar Lab scam
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित हमर लैब खरीदी मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। मेडिकल उपकरण और रिएजेंट खरीदी मामले के आरोपी मोक्षित कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा की याचिका खारिज कर दी गई है।
हाईकोर्ट ने साफ कहा कि यह सिर्फ भुगतान या कॉन्ट्रैक्ट का विवाद नहीं है, बल्कि सरकारी खरीद में साजिश, भ्रष्टाचार और जनता के पैसे के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोपों का मामला है।
CHHATTISGARH : CSP पर 1 करोड़ रिश्वत का आरोप!
मामला हमर लैब योजना के तहत करीब 314 करोड़ रुपये की रिएजेंट खरीदी से जुड़ा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि टेंडर की शर्तें इस तरह बनाई गईं कि एक कंपनी को फायदा मिले। पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से करीब 161 करोड़ रुपये के रिएजेंट इस्तेमाल से पहले ही एक्सपायर हो गए।
आरोपी कंपनी का दावा था कि यह सिर्फ भुगतान का विवाद है और उसके 338 करोड़ रुपये सरकार पर बकाया हैं। लेकिन राज्य सरकार ने इसे टेंडर में गड़बड़ी, मिलीभगत और भ्रष्टाचार का मामला बताया।
हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसे गंभीर आर्थिक अपराधों की सच्चाई ट्रायल के दौरान ही सामने आएगी, इसलिए इस स्तर पर FIR या चार्जशीट रद्द नहीं की जा सकती।
