Ayodhya Ram Mandir Donation Scam: Bank of Baroda receives notice!
AYODHYA RAM MANDIR DONATION SCAM: अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा गड़बड़ी मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा की अयोध्या ब्रांच से भी पुलिस ने जरूरी जानकारी मांगी है।
जांच के दौरान यह साफ हुआ कि इस बैंक में केवल ऑनलाइन चढ़ावे से जुड़ा खाता है और नकद राशि के लेन-देन में बैंक की कोई भूमिका नहीं होती।
सूत्रों के मुताबिक, बैंक ऑफ बड़ौदा में राम जन्मभूमि ट्रस्ट का ऐसा खाता है, जिसमें केवल ऑनलाइन चढ़ावा जमा होता है।
भक्त जब क्यूआर कोड से दान करते हैं तो वही रकम इस खाते में पहुंचती है। नकद चढ़ावे की गिनती या उसे संभालने में बैंक के कर्मचारियों की कोई जिम्मेदारी नहीं होती है।
ऐसा बताया जा रहा है कि मंदिर में आने वाले कुल चढ़ावे का करीब 10 से 14 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक में जमा होता है।
बाकी राशि भारतीय स्टेट बैंक में जमा होती है। ट्रस्ट का मुख्य बैंक भारतीय स्टेट बैंक ही है और नकद चढ़ावे से जुड़ी व्यवस्था भी वहीं से ही देखी जाती है।
सामान्य दिनों में मंदिर को हर महीने लगभग 1 से डेढ़ करोड़ रुपये का चढ़ावा मिलता है। वहीं महाकुंभ या छुट्टियों जैसे खास मौकों पर ऑनलाइन दान बढ़कर 4 से 5 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। ट्रस्ट साल में सिर्फ एक या दो बार ही खाते से बड़ी रकम निकालता है और यह पूरी प्रक्रिया चेक (Cheque) से की जाती है।
जांच के समय पुलिस ने बैंक ऑफ बड़ौदा को नोटिस भेजकर तीन लोगों के खातों की जानकारी मांगी। इनमें अविनाश शुक्ला, मनीष यादव और सुप्रिया मिश्रा के नाम शामिल थे।
बैंक ने जवाब में बताया कि अविनाश शुक्ला और मनीष यादव के खाते उसकी अयोध्या शाखा में हैं और सुप्रिया का अकाउंट उस बैंक में नहीं है। बैंक के मुताबिक मनीष यादव के खाते में केवल 1400 रुपये हैं और जनवरी से अब तक उस खाते में कोई भी ट्रांजेक्शन नहीं हुआ है।
