CHHATTISGARH : 86 days delay, government loses!
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार को हाईकोर्ट में बड़ा झटका लगा है। जेल विभाग से जुड़े एक मामले में सरकार की अपील सिर्फ इसलिए खारिज हो गई क्योंकि उसे तय समय सीमा के भीतर दाखिल नहीं किया गया था।
मामला मुंगेली जिला जेल में पदस्थ जेल वार्डन संजय कुमार साहू से जुड़ा है। नवंबर 2025 में एकलपीठ ने उनके पक्ष में फैसला दिया था। इस आदेश को चुनौती देने के लिए राज्य सरकार ने खंडपीठ में अपील लगाई, लेकिन अपील 86 दिन की देरी से दायर की गई।
सुनवाई के दौरान सरकार ने देरी की वजह विभागीय प्रक्रिया और फाइलों की आवाजाही बताई। लेकिन मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने साफ कहा कि सिर्फ फाइलें घूमती रहीं, यह देरी माफ करने का आधार नहीं हो सकता।
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कोर्ट ने यह भी कहा कि सरकारी विभागों को देरी के मामलों में कोई विशेष छूट नहीं मिल सकती। अगर समय पर अपील करनी थी तो गंभीर प्रयासों का रिकॉर्ड भी दिखाना चाहिए था।
आखिरकार हाईकोर्ट ने देरी माफी आवेदन के साथ-साथ राज्य सरकार की मूल अपील भी खारिज कर दी। फैसले के बाद सरकारी विभागों में समयसीमा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

