The outstanding performances by the children were the talk of the closing ceremony of the Maharashtra Mandal’s ‘Bal Sanskar’ camp.
रायपुर: महाराष्ट्र मंडल के बाल संस्कार शिविर में एक माह तक गुरुजनों के मार्गदर्शन में संस्कृत के श्लोकों का नियमित अभ्यास करने वाली उर्वी चंद्रवंशी ने शिव ताडंव स्त्रोत ‘जटाटवीगलज्जल प्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्’ को बेहिचक, बिना अटके बोला। नन्हीं अभिज्ञा शुक्ला ने अनुभवी उद्घोषक की तरह अपने धाराप्रवाह संवादों के साथ मंच संचालन किया।
आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले के अनुसार आरोही अलकरी ने गणेश वंदना पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया। शिविर को बच्चों की उम्र के अनुसार तीन वर्गों में विभक्त किया गया था। प्रथम वर्ग के बच्चों ने बिना कुछ देखे संस्कृत के श्लोकों का पाठ किया। इसके बाद अर्णव कुसरे, आरोही अलकरी, विधिका पंडित, प्रशस्ति आकांत, विशाल काले, वरदा चांदे ने संस्कृत के श्लोंकों का पाठ किया।
आध्यात्मिक समिति की सृष्टि दंडवते के अनुसार वर्ग दो के बच्चों ने राम रक्षा स्तोत्र और गीता के 12वें और 15वें अध्याय का पाठ किया। फिर उर्वी चंद्रवंशी ने शिव तांडव स्तोत्र का पूरे जोश के साथ बुलंद आवाज में पाठ किया। वहीं सभी बच्चों ने एक साथ मिलकर सूर्य नमस्कार कर सभी का मन मोह लिया।

शिविर के सफल संचालन के लिए समिति की समन्वयक आस्था काले, प्रमुख सृष्टि दंडवते, आकांक्षा गद्रे, मंजूषा मरकले, चारूशीला देव, संध्या खंगन, मंजूषा वैशंपायन, साक्षी टोले, वर्षा चोपकर, अक्षता पंडित, रीना बाबर, रचना ठेंगड़ी, सुमीता रायजादा, शुचिता देशमुख के कार्यों की प्रशंसा कर उन्हें प्रमाण पत्र अध्यक्ष अजय काले ने दिया व इसी तरह कार्य करने के लिए उन्हें प्रेरित किया।
सचिव चेतन दंडवते ने अभिभावकों को बताया कि महाराष्ट्र मंडल जल्द ही बच्चों के लिए गुरुकुल शुरू करने जा रहा है, ताकि हम अपने बच्चों को अपनी सनातन संस्कृति और संस्कार सीखा व समझा सकें।

