KARNATAKA POLITICS: Year-long political battle over CM’s chair ends; Siddaramaiah resigns from his post.
KARNATAKA POLITICS: कर्नाटक में सियासी सस्पेंस और ड्रामे के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) भूमि आवंटन घोटाले में चौतरफा घिरे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने आवास पर कैबिनेट मंत्रियों के साथ की गई ‘ब्रेकफास्ट मीटिंग’ के बाद वे सीधे राजभवन पहुंचे।
चूंकि राज्यपाल थावरचंद गहलोत एक पारिवारिक इमरजेंसी के चलते सुबह ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे, इसलिए सिद्धारमैया ने संवैधानिक प्रावधानों के तहत राज्यपाल के मुख्य सचिव को अपना आधिकारिक त्यागपत्र सौंप दिया।
राज्यपाल कार्यालय ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए उन्हें नई वैकल्पिक व्यवस्था होने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में पद संभालने का अनुरोध किया है।
सिद्धारमैया के इस्तीफे बाद डीके शिवकुमार के सीएम बनाने को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
इस्तीफा देने से पहले मौजूदा सीएम सिद्धारमैया ने खुद मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा है।
अपना इस्तीफा सौंपने के बाद सिद्धारमैया बेहद गंभीर और भावुक नजर आए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “पार्टी आलाकमान ने मुझसे जो भी कहा, मैंने उसका अक्षरशः पालन किया है। मैं संगठन के हितों और सरकार की छवि को किसी भी कानूनी विवाद की वजह से नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता।
कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया के राजनीतिक रसूख और क्षेत्रीय हितों को सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष एग्जिट प्लान तैयार किया है।
इसके तहत आगामी 8 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव में सिद्धारमैया को कर्नाटक से संसद भेजने की पूरी तैयारी है।
हाईकमान चाहता है कि सिद्धारमैया राष्ट्रीय स्तर पर जातिगत जनगणना और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर कांग्रेस की रणनीति को धार दें, जिससे साल 2029 के आगामी लोकसभा चुनावों के लिए विपक्ष के नैरेटिव को मजबूत किया जा सके।

