FALATA SEAT : Mamata’s close aide Jahangir Khan left the election field
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की फालता सीट पर वोटिंग से ठीक 2 दिन पहले बड़ा राजनीतिक ट्विस्ट आ गया। TMC उम्मीदवार और अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले जहांगीर खान ने अचानक चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया।
मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए जहांगीर ने कहा कि वह फालता में शांति और विकास चाहते हैं। उन्होंने नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की खुलकर तारीफ भी कर दी। जहांगीर बोले कि CM शुभेंदु फालता के लिए स्पेशल पैकेज दे रहे हैं, इसलिए वह चुनाव से खुद को अलग कर रहे हैं।
जहांगीर के इस फैसले ने बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि कुछ दिन पहले ही अभिषेक बनर्जी ने भाजपा को खुला चैलेंज दिया था कि BJP फालता सीट “दस जन्म” में भी नहीं जीत पाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वोटिंग से ठीक पहले TMC उम्मीदवार ने मैदान क्यों छोड़ा? क्या पार्टी के अंदर सब ठीक नहीं है या फिर बंगाल की सत्ता बदलने के बाद दबाव बढ़ गया है?
TMC ने इस फैसले को जहांगीर का “निजी फैसला” बताया है। पार्टी का कहना है कि भाजपा दबाव और डर की राजनीति कर रही है। वहीं BJP इसे TMC की टूट और हार का संकेत बता रही है।
हालांकि 21 मई को होने वाली री-वोटिंग में EVM पर जहांगीर खान का नाम और TMC का सिंबल रहेगा, क्योंकि नाम वापसी की आखिरी तारीख पहले ही खत्म हो चुकी है।
फालता सीट पहले से ही विवादों में रही है। यहां EVM गड़बड़ी और हिंसा के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने दोबारा वोटिंग कराने का फैसला लिया था। अब जहांगीर के चुनाव छोड़ने से मुकाबला और ज्यादा दिलचस्प हो गया है।

