No-confidence motion against Speaker Birla introduced in Lok Sabha, discussion after 2 pm
नई दिल्ली : लोकसभा में मंगलवार को विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया है। विपक्ष ने ओम बिरला पर सदन की कार्यवाही में पक्षपात करने का आरोप लगाया है। इस दौरान 50 से ज्यादा सांसदों ने पक्ष में वोट किया। इसके बाद पीठासीन ने प्रस्ताव पेश करने की परमिशन दे दी। अब इस प्रस्ताव पर 10 घंटे चर्चा चलेगी।
कांग्रेस ने स्पीकर की गैर-मौजूदगी में डिप्टी स्पीकर के नियुक्त ना करने पर सवाल उठाए है । कांग्रेस ने कहा कि चेयर पर बैठे पीठासीन जगदंबिका पाल कैसे इस दौरान कार्यवाही चला सकते हैं। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि देश का नेतृत्व कमजोर और बुजदिल है।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार ने पिछले कई वर्षों से उपसभापति की नियुक्ति नहीं की है, जिससे संवैधानिक शून्य पैदा हो गया है। उन्होंने आगे कहा कि सदन को एक ऐसे व्यक्ति का चुनाव करना चाहिए जो प्रस्ताव पर बहस के दौरान कार्यवाही की अध्यक्षता करेगा।
डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष को देने की परम्परा रही है। 16वीं लोकसभा में NDA में शामिल रहे अन्नाद्रमुक के थंबीदुरई को यह पद दिया गया था, जबकि, 17वीं और 18वीं लोकसभा में किसी को भी डिप्टी स्पीकर नहीं बनाया गया।गौरव गोगोई ने क्या कहा?
अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, भविष्य में जब संसदीय अभिलेखों का अध्ययन होगा, तो आंकड़े बताएंगे कि संसदीय कार्य मंत्री के रूप में किरेन रिजिजू ने विपक्ष को सबसे अधिक बार बाधित किया।

