TURKMAN GATE DEMOLITION : Midnight Bulldozer!
नई दिल्ली। दिल्ली में आधी रात बुलडोजर की दहाड़ से हड़कंप मच गया। अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एमसीडी ने तुर्कमान गेट इलाके में मिडनाइट डिमोलिशन ड्राइव चलाई। फैज-ए-इलाही मस्जिद परिसर के पास करीब 32 बुलडोजरों से अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार रात से शुरू हुई, जो बुधवार तड़के तक चली।
डिमोलिशन के दौरान माहौल तब बिगड़ गया जब स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू किया। पुलिस पर पथराव हुआ, जवाब में पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। हिंसा में कम से कम 5 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इसके बाद पूरे तुर्कमान गेट इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
एमसीडी की कार्रवाई फैज-ए-इलाही मस्जिद से सटे इलाके, कब्रिस्तान के पास और आसपास बने अवैध बारात घर, डायग्नोस्टिक सेंटर और दुकानों पर हुई। डिप्टी कमिश्नर विवेक अग्रवाल के मुताबिक करीब 85 फीसदी अतिक्रमण हटाया जा चुका है, मलबा हटने के बाद बचा हुआ हिस्सा भी गिराया जाएगा।
संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ शरारती तत्वों ने पत्थरबाजी की, लेकिन स्थिति को न्यूनतम बल प्रयोग के साथ काबू में कर लिया गया। पूरे इलाके को नौ जोन में बांटकर वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई की गई थी।
फिलहाल तुर्कमान गेट के आसपास सन्नाटा पसरा हुआ है। गलियों में किसी को जाने नहीं दिया जा रहा, सड़क पर ईंट-पत्थर बिखरे पड़े हैं। पुलिस ने पत्थरबाजी के मामले में 5 लोगों को हिरासत में लिया है और पूछताछ जारी है।
विवाद की जड़ क्या है?
प्रशासन का कहना है कि मस्जिद से सटे बारात घर और डायग्नोस्टिक सेंटर सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण हैं, जबकि मस्जिद कमेटी इन्हें 100 साल पुराना ढांचा बता रही है। प्रशासन का दावा है कि पूरी कार्रवाई कोर्ट के आदेश और नियमों के तहत की गई।
