KHABAR CHALISA SPECIAL तिरछी नजर : भूपेश-साव में जंग..

Date:

Khabar Chalisa Special Sideways Look: Battle between Bhupesh and Sao…

पूर्व सीएम भूपेश बघेल की डिप्टी सीएम अरुण साव पर टिप्पणी को लेकर साहू समाज और भाजपा दो गुटों में बंट गई है। भूपेश के बयान के खिलाफ भाजपा नेताओं की चुप्पी देर से खुली। भाजपा के एक गुट के नेताओं का कहना है कि भूपेश का बयान में ऐसा कुछ नहीं है, जिससे समाज के लोगों को सामने आकर इस तरह चेतावनी देना चाहिए। तो साहू समाज में भी गुटबाजी खुलकर सामने आ रही। इस पर भूपेश बघेल साहू समाज के कांग्रेसी नेताओं को एकजुट कर प्रेस कांफ्रेस की तैयारी में है। सोशल मीडिया में भूपेश माफी मांगो ट्रेंडिग में चल रही है।

इसके पीछे कौन है, यह राजनीतिक विश्लेषण का विषय बना हुआ है। साहू समाज के पांच विधायक व दो दर्जन से ज्यादा पूर्व विधायकों की आने वाले दिनों में खुलकर राय सामने आ सकती है। तो दूसरी ओर साहू समाज के अध्यक्ष ने एक बयान जारी कर बताया कि भूपेश बघेल द्वारा की गई टिप्पणी व्यक्तिगत है, जिसका साहू समाज से को लेना-देना नहीं। इस बयान से साफ लग रहा हैं कि दबाव की राजनीति काम आ गईं।

पद के बिना जिंदगी मुश्किल

राजधानी के कुछ बड़े नेताओं की नींद हराम हो गयी है। इन नेताओं को राजनीतिक उथल-पुथल और दरकिनार किए जाने की आशंका में नींद नहीं आ रही है। यह बीमारी अकेले भाजपा में नहीं कांग्रेस में भी फैल गयी है। ऐसे नेताओं को रात्रि में सोने के लिए नींद की गोली के अलावा कई प्रकार के चिकित्सा सलाह लेनी पड़ रही है। राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं को लगने लगा है कि नई पीढ़ी आगामी दिनों नेतृत्व संभालने के लिए सक्रिय है। फिर भी उछल-कूद मचाकर राजनीतिक वजूद बचाने की कोशिश में लगे हैं। इससे कई नई बीमारी भी आ रही है। नींद नहीं आने की तकलीफ में पड़े एक दर्जन से अधिक इन नेताओं के नाम हम सार्वजनिक नहीं कर रहे हैें। ये सभी काफी प्रतिष्ठित माने जाते हैं।

सिंहदेव का बढ़ता रूतबा

पूर्व डिप्टी टीएस सिंहदेव का कद कांग्रेस में दिनो-दिन बढ़ता जा रहा है। कई राज्यों में राजनीतिक जिम्मेदारी दी जा रही है। टीएस सिंहदेव के इर्द-गिर्द कांग्रेसी नेताओं की भीड़ बढ़ रही है। प्रदेश भर में दौरे कार्यक्रम के दौरान भी जगह-जगह स्वागत के लिए भीड़ उमड़ रही है। टीएस के समर्थकों में एक बार फिर विश्वास जागा है कि कांग्रेस हाईकमान प्रदेश में कोई जिम्मेदारी विधानसभा चुनाव के पहले दे सकती है। टीएस के दिल्ली में प्रमुख कांग्रेसी नेताओं के साथ विचार विमर्श लगातार चल रहा है। इसके विपरीत नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत के खिलाफ लगातार शिकायत कांग्रेस हाईकमान तक पहुंच रही है। कांग्रेस का एक गुट विधानसभा चुनाव के पूर्व नेता प्रतिपक्ष बदलने के लिए प्रयासरत है।

ईश्क-मुश्क छिपाए नहीं छिपते

सरकार के एक निगम के एमडी के प्रेम के किस्से काफी चर्चा में है। अफसर को अपने ही मातहत से प्रेम हो गया। प्रेम परवान चढ़ा, तो अफसर ने प्रेमिका को एक फ्लैट खरीदकर दे दिया। कहा जाता है कि इश्क- मुश्क छिपाए नहीं छिपती। निगम के भीतर बात फैल गई। अफसर के घर तक बात पहुंच गई। घर में तो कलह शुरू हो गई है और अब निगम के चेयरमैन भी खफा हो गये हैं। निगम में सप्लाई आदि मसले पर एमडी की चेयरमैन की पहले से नहीं बन रही थी। अब उन्हें एमडी के खिलाफ मौका मिल गया।

बताते हैं कि चेयरमैन ने तो ऊपर तक बात पहुंचाई लेकिन कुछ नहीं हुआ। एमडी ने थोड़े समय में सरकार के भीतर अच्छी पकड़ बना ली है, इस वजह से उनका कुछ नहीं बिगड़ पाया। मगर देर सबेर बखेड़ा खड़ा होने की आशंका जताई जा रही है फिलहाल तो चेयरमैन से लेकर कर्मचारी तक अफसर के प्रेम के किस्से सुनाकर मजे ले रहे हैं।

महतारी वर्ष में महिला अफसर लूप-लाईन

सरकार ने वर्ष-2026 को महतारी वर्ष घोषित किया है लेकिन प्रशासन में महिलाओं को इसका फायदा मिलता नहीं दिख रहा है। एसीएस रेणु पिल्ले और ऋचा शर्मा की बात तो पुरानी हो चुकी है। ताजा मामला आईपीएस अफसरों की पोस्टिंग से जुड़ा हुआ है।

राज्य प्रशासनिक सेवा से आईपीएस अवार्ड हुए पंकज चंद्रा, वेदव्रत सिरमौर और मनोज खिलाड़ी एसपी बन चुके हैं। वो जिले में पुलिस की कमान संभाल रहे हैं। मगर इन्ही अफसरों के आगे पीछे की भावना पांडे, राजश्री मिश्रा और श्वेता सिन्हा को अभी तक जिले में जाने का मौका नहीं मिला है। ये सभी लूप लाईन में ही है। कई और महिला अफसरों के साथ पुलिस और प्रशासन में इस तरह का भेदभाव देखने को मिल रहा है। संभव है कि नये साल में सरकार इस पर गौर करेगी।

वर्ल्ड क्लास स्कूल के लिए खींचतान

नवा रायपुर में सरकार वर्ल्ड क्लास स्कूल तो बना रही है। निर्माण पर 50 करोड़ खर्च हो चुके हैं लेकिन स्कूल को निजी हाथों सौंपने की तैयारी कर रही है। यह फैसला लिया गया है कि किसी प्रतिष्ठित ब्रांड को स्कूल संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए नियम शर्तें तैयार हो गई है। चर्चा है कि दो ताकतवर कारोबारी स्कूल संचालन में रूचि दिखा रहे हैं। इनमें से एक तो पहले से ही प्रतिष्ठित स्कूल समूह का फ्रैंचाइजी लेकर बैठे हैं। वो चिकित्सा कारोबार से जुड़े हैं।

दूसरा नामी बिल्डर है जो कि बड़े ब्रांड की फ्रेंचाइजी लेकर स्कूल को अपने हाथों में लेने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा कुछ स्टील कारोबारियों की नजर भी स्कूल पर है। देखना है कि कौन किस पर भारी पड़ता है।

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

#Crime Updates

More like this
Related

BJP का मिशन बंगाल : कल सिंगुर में हुंकार भरेंगे PM मोदी, मिलेंगी830 करोड़ की परियोजनाएं

कोलकाता। विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल दौरे के दूसरे...

BJP MEETING : नितिन नबीन से मिले नरेश गुप्ता

BJP MEETING : Naresh Gupta met Navin नई दिल्ली। दिल्ली...