CG IAS-IPS DA HIKE : Increase in dearness allowance of IAS-IPS officers .. State employees angry
रायपुर, 9 जून 2025। CG IAS-IPS DA HIKE छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में कार्यरत अखिल भारतीय सेवा (IAS, IPS, IFS) के अधिकारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके महंगाई भत्ते (DA) में वृद्धि कर इसे 55 प्रतिशत कर दिया है। यह संशोधित दर 1 जनवरी 2025 से प्रभावी मानी जाएगी और इसका भुगतान नकद किया जाएगा। यह फैसला भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के 2 अप्रैल 2025 के आदेश के अनुरूप लिया गया है।
CG IAS-IPS DA HIKE इस आदेश के लागू होने के बाद एक ओर जहां वरिष्ठ अधिकारियों को आर्थिक राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर राज्य कर्मचारी वर्ग में नाराजगी और असंतोष की स्थिति बन गई है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें DA एरियर के लिए लंबे समय से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है।

क्या कहा गया है सरकारी आदेश में?
1 जनवरी 2025 से 55% की दर से DA देय होगा।
DA का भुगतान नकद रूप में किया जाएगा।
केवल मूल वेतन पर DA की गणना की जाएगी, अन्य किसी भत्ते या व्यक्तिगत वेतन को शामिल नहीं किया जाएगा।
यदि किसी अधिकारी को निर्धारित सीमा से अधिक राशि मिलती है, तो वसूली की जाएगी।
एरियर का भुगतान उसी कार्यालय से होगा, जहां से संबंधित अवधि का वेतन आहरित हुआ है।
किसी प्रकार का अलग आदेश पत्र जारी नहीं किया जाएगा; वेतन पर्ची ही आदेश मानी जाएगी।
राज्य कर्मचारियों में नाराजगी
CG IAS-IPS DA HIKE सरकार के इस फैसले के बाद राज्य के कर्मचारियों में नाराजगी स्पष्ट रूप से देखी जा रही है। उनका कहना है कि DA बढ़ोतरी और एरियर भुगतान को लेकर वे कई महीनों से सरकार से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। अब अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को DA बढ़ाकर देने का फैसला, भेदभावपूर्ण प्रतीत हो रहा है।
राज्य कर्मचारी संगठनों ने संकेत दिए हैं कि यदि उनके DA और एरियर की मांगों को शीघ्र नहीं माना गया, तो आंदोलन किया जाएगा।
CG IAS-IPS DA HIKE वित्त मामलों के जानकारों का मानना है कि भारत सरकार के आदेश के अनुरूप यह फैसला जरूरी था, क्योंकि अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों का वेतनमान केंद्र सरकार से जुड़ा होता है। लेकिन राज्य कर्मचारियों की भी मांग जायज है, जिन्हें पिछले कई महीनों से एरियर भुगतान का इंतजार है।
CG IAS-IPS DA HIKE छत्तीसगढ़ सरकार के इस फैसले से जहां एक ओर उच्च अधिकारियों को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर राज्य के कर्मचारियों के बीच असंतोष की भावना गहराने लगी है। आने वाले दिनों में सरकार पर कर्मचारियों की DA नीति में समानता को लेकर दबाव और बढ़ सकता है।
