EC Notice: EC notice to Supriya Srinet and Dilip Ghosh, case of controversial speech on Kangana and Mamta
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत के सोशल मीडिया अकाउंट से हुई एक आपत्तिजनक पोस्ट और दिलीप घोष के विवादित बयान के मामले पर इलेक्शन कमीशन ने अब एक्शन लिया है. चुनाव आयोग ने महिलाओं के सम्मान और प्रतिष्ठा के खिलाफ अपमानजनक और आक्रामक टिप्पणियों के लिए दिलीप घोष और सुप्रिया श्रीनेत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
बीजेपी ने रविवार को लोकसभा उम्मीदवारों की अपनी पांचवीं सूची जारी की थी. पार्टी ने हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से कंगना को उम्मीदवार बनाया है. इसके बाद कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से कंगना को लेकर एक बेहद आपत्तिजनक ट्वीट किया गया था, जिस पर देखते ही देखते विवाद खड़ा हो गया. अब इस मामले में चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किया है.
हेमा मालिनी ने किया कंगना का समर्थन –
कंगना रनौत ने भी कांग्रेस नेता पर पलटवार करते हुए कहा था कि लोगों को सेक्स वर्कर्स के चुनौतीपूर्ण जीवन या परिस्थितियों को किसी तरह के दुर्व्यवहार या गाली के रूप में इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने भी कंगना का समर्थन करते हुए उन्हें ‘फाइटर’ बताया था. हेमा मालिनी ने कहा, ‘कंगना फाइटर हैं और वह इसका बखूबी जवाब देंगी.’ उन्होंने कंगना को बोल्ड और मुखर महिला बताते हुए कहा कि वह राजनीति के लिए बिल्कुल फिट हैं. कांग्रेस नेता को अपने शब्द वापस लेने चाहिए.
सुप्रिया श्रीनेत ने दी सफाई –
मामले के तूल पकड़ने पर सुप्रिया श्रीनेत ने दावा किया था कि यह पोस्ट उन्होंने नहीं किया था. सुप्रिया ने कहा था कि उनके सोशल मीडिया अकाउंट का एक्सेस कई लोगों के पास है. उन्होंने कहा था कि मेरे फेसबुक और इंस्टा के अकाउंट पर कई लोगों का एक्सेस है. इसमें से किसी व्यक्ति ने आज एक बेहद घृणित और आपत्तिजनक पोस्ट किया था. मुझे जैसे ही इसकी जानकारी हुई मैंने वह पोस्ट हटा दिया.
बीजेपी ने दिलीप घोष को जारी किया नोटिस –
वहीं बीजेपी नेता दिलीप घोष ने भी कुछ दिनों पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर एक बेहद विवादित बयान दिया था. खुद उनकी पार्टी बीजेपी ने भी उनके इस बयान से किनारा कर लिया था और नोटिस भेजकर उनसे स्पष्टीकरण मांगा था. विवाद बढ़ता देख दिलीप घोष ने अपने बयान को लेकर स्पष्टीकरण दिया था. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनर्जी के खिलाफ मेरे मन में कोई दुर्भावना नहीं है. अगर किसी को मेरी भाषा और शब्दों से दिक्कत हुई है तो मैं दुख प्रकट करता हूं.
दिलीप घोष ने कहा, ‘लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि टीएमसी के नेता भी हमारे नेता सुवेंदु अधिकारी के पिता और परिवार पर गलत टिप्पणी करते हैं उसका क्या? वो भी हमारे नेताओं को गाली देते हैं? क्या हमारा कोई मान-सम्मान नहीं है? हमारे भी नेताओं के पिता के बारे में लोग बात करते हैं तो क्या उनका कोई सम्मान नहीं है? सुवेंदु अधिकारी पुरुष हैं इसलिए कोई कुछ नहीं बोलता है लेकिन खुद के ऊपर आता है तो महिला कार्ड लेकर सामने आ जाते हैं. मैं पार्टी को जवाब दूंगा.’
