The Mahara community celebrated Jagatu Mahara Memorial Day with great pomp and grandeur; Kumar Jaidev announced that a grand entrance gate named after Jagatu Mahara will be constructed in Jagdalpur.
जगदलपुर। बस्तर संभाग माहरा समाज की ओर से 14 वां स्थापना दिवस जगतू महारा स्मृति दिवस के रूप में उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस मौके पर कुमडाकोट में विशाल जनसभा का आयोजन किया गया जिसमें संभाग के विभिन्ना हिस्सों से समाज के सदस्यों ने हिस्सा लिया।
समारोह की मुख्य अतिथि रूप में। सुकमा जमींदार परिवार के सदस्य कुमार जयदेव शामिल हुए । कार्यक्रम की शुरूआत जगतु प्रवेश द्वार स्थापना स्थल की पूजा अर्चना के साथ की गई। पूजा धरमु माहरा के वंशज आदर्श बघेल माटी पुजारी जगतुगुडा,मगंलु कश्यप पुजारी द्वारा संपन्न किया गया। बता दें कि महारा समाज के प्रमुख जगतु माहरा ने जगदलपुर शहर को बसाया था और बस्तर को आजादी दिलाने के लिए भूमकाल जैसे बड़े आंदोलन में अपना बलिदान दिया था, साथ ही समाज के अन्य आयतु माहरा जैसे वीरों ने भी अंग्रेजों से लोहा लेकर बस्तर को आजाद कराया था। जिनका स्मरण महारा समाज के स्थापना दिवस के अवसर पर किया गया।
मुख्य अतिथि कुमार जयदेव ने सभा को हल्वी बोली में संबोधित करते हुए जगतू महारा के इतिहास को बताया । उन्होंने कहा कि जब 1772 में राजा दलपत देव शिकार के लिए यहां आए थे इस दौरान उन्होंने देखा कि राजा के साथ शिकार में आए कुत्तों को खरगोश दौड़ा रहे थे। तब राजा ने ये विचार किया कि जहां के खरगोश भी इतने दमदार हैं वह स्थान उनकी राजधानी होनी चाहिए।कुमार जयदेव ने आगे कहा कि यह समूची भूमि जगतू महारा और धरमू महारा की है ।राजा ने इस भूमि की मांग की और दानवीर भाईयों को खुशी खुशी भूमि दान कर दी ।
उन्होंने कहा कि वह लगातार मांग कर रहे हैं कि जगदलपुर में एक जगतू द्वार होना चाहिए जिससे आने जाने वालों को पता होना चाहिए कि जगतू महारा कौन था। उन्होंने कहा कि उन्होंने विधायक किरण देव से इस विषय में चर्चा की तो किरण देव ने तत्काल 10 – 10 लाख की स्वीकृति दे दी और कलेक्टर को भी निर्देशित कर दिया है। कुमार जयदेव ने कहां कि विधायक की क्षमता अनुसार उसने आबंटन दिया है परन्तु सामाजिक सहयोग से इतना विशाल द्वार का निर्माण किया जाना चाहिए जितना कि पूरे प्रदेश में नहीं है । कुमार जयदेव ने सर्व समाज को एक स्वर में अपील किया कि जगदलपुर नहीं जगतु गुड़ा है,जिको सहेज कर संजोये रखने का आव्हान किया,साथ ही उन्होंने महारा समाज को एकजुट होकर इस कार्य में लग जाने की अपील भी की जिसका सभा स्थल पर उपस्थित सभी जनों ने ताली पीट कर समर्थन किया।
महारा समाज के संभागीय अध्यक्ष राजू बघेल ने कहा कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी महारा समाज के द्वारा जगतू महारा स्मृति दिवस मनाया जा रहा है जिसमें केशलुर से कुम्हड़ा कोट तक समाज के द्वारा बाइक रैली निकाली गई और कुम्हड़ा कोट में जगतू द्वार का पूजन किया गया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में।मुख्य अतिथि के रूप में सुकमा जमींदार कुमार जयदेव शामिल हुए हैं । उन्होंने कहा कि कुमार जयदेव के नेतृत्व में महारा समाज के द्वारा दंतेश्वरी मंदिर के सामने जगतू महारा की प्रतिमा तथा पीजी कॉलेज धरमपुरा में धरमू महारा की प्रतिमा लगाने की मांग की जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान समाज के संरक्षक पिचेम पेंदी,राजू नाग,विनय सोना,कन्हैया सोना,पप्पू नाग, गंगाराम,सामु मौर्य,योगेश सिंह ठाकुर, सिकन्दर सिंह,विवेक जैन,मानिकराम पंथ,गणेश नागवंशी, डिकेश,भुनेश्वर नाग,मंच संचालन शांति नाग ने किया।

