SUSHASAN TIHAR : Chaos in Sushasan Tihar!
दुर्ग। छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार में शुक्रवार को दो ऐसे मामले सामने आए, जिन्होंने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए। दुर्ग में विधायक के सामने ही BJP नेता और जनपद CEO के बीच तीखी बहस हो गई, जबकि कोरबा में समाधान शिविर के दौरान एक बाबू 40 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।
दुर्ग जिले के थनौद में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में सामुदायिक भवन की राशि को लेकर BJP नेता पुराण देशमुख और जनपद CEO रूपेश पांडे आमने-सामने आ गए। बहस इतनी बढ़ गई कि CEO ने गुस्से में उंगली दिखाते हुए कह दिया, “जो करना है कर ले।” यह पूरा घटनाक्रम विधायक ललित चंद्राकर की मौजूदगी में हुआ और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
RAIPUR BUSINESSMAN DEATH : यूरोप टूर में रायपुर कारोबारी की मौत!
उधर कोरबा जिले के तुमान में लगे समाधान शिविर में ACB ने सहायक ग्रेड-2 के बाबू प्रदीप मिश्रा को 40 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि रिटायर्ड शिक्षक की GPF पासबुक एंट्री के लिए रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत के बाद ACB ने जाल बिछाया और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
मामला यहीं नहीं रुका। कोरबा में ही एक पटवारी का रिश्वत लेते वीडियो वायरल होने के बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नामांतरण और वन पट्टा के काम के लिए हजारों रुपए वसूले जाते थे।
CHHATTISGARH : खाद के लिए हाहाकार!
वहीं रायगढ़ जिले में भी ACB ने तहसील कार्यालय के क्लर्क तुलाराम पटेल को 60 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि उसने राजस्व रिकॉर्ड में सुधार के नाम पर एक लाख रुपए की मांग की थी।
सुशासन तिहार के बीच सामने आए इन मामलों ने प्रशासनिक कार्यशैली और भ्रष्टाचार पर नई बहस छेड़ दी है।

