CHHATTISGARH : SC’s big decision on deduction of Rs 84 lakh!
बिलासपुर। पुराने अनुबंध की कथित देनदारी की वसूली के लिए सरकार किसी दूसरे चल रहे अनुबंध के बिल से मनमाने तरीके से रकम नहीं काट सकती। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का आदेश रद्द करते हुए यह अहम फैसला सुनाया है।
मामला देवभोग जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हुए सड़क निर्माण से जुड़ा है। फर्म पर करीब 2.01 करोड़ रुपये के अतिरिक्त भुगतान का दावा किया गया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण ने फर्म के तीन अलग-अलग नए प्रोजेक्ट के बिलों से कुल 84.17 लाख रुपये काट लिए।
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फर्म ने इस कटौती को हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन याचिकाएं खारिज होने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तकनीकी निरीक्षण के आधार पर वसूली से पहले संबंधित ठेकेदार को अपना पक्ष रखने का मौका देना जरूरी था। साथ ही, दूसरे स्वतंत्र और चल रहे अनुबंध के बिल से सीधे रकम काटना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
कोर्ट ने 84 लाख 17 हजार रुपये वापस करने का निर्देश दिया है। इस रकम पर 27 सितंबर 2025 से भुगतान की तारीख तक 6 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा।
