Serious irregularities found at SS Public School; fraud in the name of CBSE and arbitrary fee collection exposed.
बिलासपुर शहर के एसएस पब्लिक स्कूल में अभिभावकों की शिकायतों के बाद जांच करने पहुंची शिक्षा विभाग की टीम को कई गंभीर अनियमितताएं मिली हैं। सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी (ABO) दीप्ति गुप्ता और संकुल प्रभारी कमलाकांत शुक्ला द्वारा किए गए निरीक्षण में स्कूल के खिलाफ की गई अधिकांश शिकायतें मौके पर सही पाई गईं। जांच समिति अब अपनी विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपेगी, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी खामी यह सामने आई कि स्कूल में लाइब्रेरी की जगह यूनिफॉर्म और किताबों का स्टोर संचालित किया जा रहा था। अभिभावकों ने जांच टीम को बताया कि स्कूल के बाहर सीबीएसई (CBSE) का बोर्ड लगाया गया है और उसी के नाम पर पढ़ाई और भारी फीस की वसूली की जा रही है, जबकि यहां शासन के नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। छात्रों और अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें और स्कूल यूनिफॉर्म संस्था से ही खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है।
इसके अलावा, स्कूल के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। जांच टीम ने पाया कि स्कूल भवन के ऊपरी हिस्से में किरायेदार निवास कर रहे हैं, जबकि बच्चों के शारीरिक विकास और खेलने के लिए स्कूल में पर्याप्त मैदान तक उपलब्ध नहीं है। शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद बच्चों को निःशुल्क पुस्तकों का वितरण भी नहीं किया गया है।
अभिभावकों ने मनमानी फीस वसूली की शिकायत करते हुए जांच अधिकारियों को बताया कि स्कूल प्रबंधन द्वारा हर साल फीस में बेतहाशा वृद्धि कर दी जाती है। छात्रों से 5,000 रुपये ‘एक्टिविटी फीस’ के नाम पर वसूले जा रहे हैं। इतना ही नहीं, हर महीने की 10 तारीख के बाद फीस जमा करने पर 10 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से लेट फीस (विलंब शुल्क) भी जबरन लिया जाता है।
जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि स्कूल के प्राचार्य जांच टीम को ‘प्रबंधन समिति’ के गठन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। दस्तावेजों के अभाव में स्कूल की प्रबंधन समिति के अस्तित्व और उसकी कार्यप्रणाली पर गहरा संदेह उत्पन्न हो गया है। फिलहाल, जांच टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिसके आधार पर शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा आगे की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
