Ram Mandir Donation Scam: Information provided by the Ram Mandir Trust regarding offerings!
RAM MANDIR DONATION SCAM: अयोध्या में श्री राम मंदिर जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर में चढ़ावा की चोरी की अफवाहों को खारिज करते हुए ट्रस्ट कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर के आभूषण मीडिया के सामने पेश किए।
उन्होंने कहा कि मीडिया में जिन वस्तुओं की चोरी की चर्चाएं हो रही थीं, उन्हें मीडिया के सामने सार्वजनिक किया है।
ट्रस्ट कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने कहा कि स्वर्णांकित रामतीर्थ मानस की पोथी सुरक्षित है। बड़ा कंठा हार, चरण चिह्न अंकित पादूका सुरक्षित है। 2926 वस्तुओं का संग्रह सुरक्षित रखा है।
उन्होंने आगे कहा कि यदि किसी दानदाता को दान की गई वस्तुओं का अवलोकन करना हैं तो वह अपने द्वारा जरूरी प्रमाण रसीद दिखाकर वस्तु देख सकता हैं।
उन्होंने आगे बताया कि काउंटर पर भेंट देने वाले या दानदाता का विवरण देने वाले सभी भक्तों को बाकायदा रसीद दी गई है।
ट्रस्ट ने अपील की है कि कभी भी समय तय करके अयोध्या आ सकते हैं। रामलाल के दर्शन के साथ अपनी दी हुई भेंट का भौतिक सत्यापन कर सकते हैं।
प्रेस रिलीज कर ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि निधि समर्पण और कॉपर्स दान से 3264 करोड़ रुपए मिले, जिसमें से 2370 करोड़ रुपए निर्माण में खर्च हुए। 31 मार्च 2026 तक 582 करोड़ का कुल चढ़ावा आया था। चांदी को सरकारी टकसाल में गलाकर सुरक्षित रखा गया है।
कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बताया कि दान में मिली चांदी की वस्तुओं को भारत सरकार की टकसाल में गला कर छड़ें बना दी गई हैं। गलाने से पहले उनका फोटो और वजन दर्ज है। टकसाल से चांदी की शुद्धता और वजन के प्रमाण पत्र भी ट्रस्ट के पास मौजूद हैं।
नकद राशि के अलावा, भक्तों ने रामलाल को 2926 वस्तुएं भेंट की हैं। यह सभी भेंट तारीख अनुसार और पूरे विवरण के साथ ट्रस्ट के रजिस्टर में दर्ज हैं।
राम मंदिर को मिले दान की सभी वस्तुओं का हर साल ऑडिट किया जा रहा है। जिसके लिए एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाता है।
