CHHATTISGARH : 8 children dead, 5 missing… now the High Court is strict!
रायपुर। राजधानी के घरौंदा सेंटर में 8 बच्चों की मौत और 5 बच्चों के लापता होने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने 11 कोर्ट कमिश्नरों को अलग-अलग सेंटर्स का निरीक्षण कर जल्द रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले को अमानवीय बताते हुए बच्चों को दी जा रही सुविधाओं और सेंटर्स की वास्तविक स्थिति की जांच कराने का फैसला लिया है।
तीन साल में खर्च हुए 9 करोड़ रुपए
सुनवाई के दौरान शासन की ओर से बताया गया कि पिछले तीन साल में घरौंदा सेंटर्स में रहने वाले बच्चों पर करीब 9 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इस संबंध में मुख्य सचिव के साथ वित्त और समाज कल्याण विभाग के सचिवों ने भी कोर्ट में शपथपत्र पेश किया।
कोर्ट ने 11 कोर्ट कमिश्नरों को शासन और केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत संचालित सेंटर्स का निरीक्षण करने को कहा है।
NGO की याचिका पर चल रही सुनवाई
दरअसल, कोपलवाणी संस्था ने इस मामले में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में घरौंदा सेंटर में बच्चों की मौत और कथित भूखमरी का मुद्दा उठाया गया है।
अब कोर्ट कमिश्नरों की निरीक्षण रिपोर्ट से सेंटर्स में बच्चों की देखभाल, भोजन और दूसरी सुविधाओं की हकीकत सामने आने की उम्मीद है।


