CHHATTISGARH : Big revelation on OPS! Who will benefit?
रायपुर। OPS-NPS को लेकर जो कन्फ्यूजन चल रहा था, उस पर अब सरकार ने साफ तस्वीर सामने रख दी है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में बताया कि प्रदेश के करीब 2.91 लाख कर्मचारियों ने NPS छोड़कर OPS का विकल्प चुना है।
सरकार ने साफ कर दिया है कि चाहे 2004 से पहले के कर्मचारी हों या बाद में OPS चुनने वाले—सब पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा पेंशन नियम 1976 ही लागू होंगे। यानी पेंशन का सिस्टम एक तय नियम के तहत चलेगा।
हालांकि एक बड़ा फर्क भी है 2004 से पहले वालों का GPF महालेखाकार संभाल रहा है, जबकि बाद में OPS चुनने वालों का मैनेजमेंट पेंशन डायरेक्टोरेट कर रहा है।
NPS वालों के लिए भी सरकार ने आंकड़े रखे करीब 22 हजार करोड़ रुपए जमा हैं, जिसमें कर्मचारी 10% और सरकार 14% योगदान देती है। वहीं OPS में PF पर 7.1% ब्याज मिलेगा।
सरकार ने ये भी बताया कि पेंशन फंड में अब तक 1120 करोड़ से ज्यादा की राशि जमा है, जिससे भविष्य में पेंशन का भुगतान सुरक्षित रखा जाएगा।
कुल मिलाकर सरकार का मैसेज साफ है OPS को लेकर जो भी भ्रम था, उसे खत्म कर दिया गया है, लेकिन सिस्टम अभी भी दो हिस्सों में बंटा हुआ है।

