अब रेलवे ने शू-पॉलिशिंग के लिए निकाला टेंडर, यह है प्रक्रिया व शर्तें

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रायपुर। आप रेलवे स्टेशन पर आते जाते ही रहे होंगे। कभी न कभी पैसेंजर या मेल एक्सप्रेस ट्रेन में सफर भी की होगी। आपने गौर किया होगा कि इन स्थानों पर छोटे से बक्से या झोले में जूता पॉलिश का सामान लिए ढेरों लोग घूमते रहते हैं या किसी कोने में बैठे रहते हैं। ये दिन भर रेल यात्रियों के जूता चमका कर दो जून की रोटी कमा पाते हैं। तेजी से व्यावसायिक मार्ग पर बढ़ रहे रेलवे में अब इन्हें भी जेब ज्यादा ढीली करनी होगी।

रेलवे ने शु-शाइन करने के लिए टेंडर जारी किया है। इच्छुक आवेदकों से अनुभव प्रमाण पात्र माँगा गया है। इसके अलावा टेंडर प्राप्त करने के लिए 51 हजार रूपए की अमानत राशि भी रेलवे में जमा करानी होगी। टेंडर प्राप्तकर्ता जिसे चाहे स्टेशन के भीतर जूता पॉलिश करने की परमिशन दे सकेगा। यह टेंडर तीन साल के लिए जारी किया गया था जिसकी राशि 2 लाख 54 हजार है इसलिए टेंडर की राशि बढाकर दोबारा जारी की जाएगी। नियमानुसार इसमें भी हर साल 6 प्रतिशत की वृद्धि होगी।

यह है टेंडर की शर्तें
1) शु पॉलिश करने वाले केवल अपने आबंटित स्थान पर कार्य कर सकेंगे।
2) शु पॉलिश करने वालों को प्रशासन द्वारा अनुमोदित यूनिफार्म, बैज, पॉलिश व अन्य सामग्री का खर्च स्वयं वहां करना होगा।
3) टेंडर प्राप्त ठेका एजेंसी को ठेका मूल्य का 10 प्रतिशत की दर से सुरक्षा निधि के रूप में एवं तीन प्रतिशत की दर से बैंक गारंटी के रूप में जमा करना पड़ेगा।

रेलवे एक स्टॉल के लिए तीन और पांच साल तक के लिए टेंडर जारी करता है जिससे एक साल में एक स्टॉल से करीब 15 लाख रुपये की कमाई होती है जिसपर 18 प्रतिशत जीएसटी का अलग से भुगतान करना पड़ता है।अधिकारीयों का कहना है की कुछ तकनीकी त्रुटियों की वजह से अभी यह टेंडर रोका गया है। यह प्रक्रियाधीन है।

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