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राजधानी में अब सिर्फ 11 प्रतिशत मामले ही पेंडिंग 1 हजार से अधिक खसरे ब्लॉक…

रायपुर । राजस्व अधिकारियों की बैठक में आज कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे ने सभी राजस्व अधिकारियों को नागरिकों की सुविधा और समस्याओं के समाधान के लिए राजस्व मामलों का निराकरण यथासंभव निर्धारित समय-सीमा में करने के दो टूक निर्देश दिए है। डॉ. भुरे ने जमीन से जुड़े सभी अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, राजस्व वसूली और डायवर्सन आदि के प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में ही निराकृत करने को कहा।

बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों, ग्रामीणों या अन्य किसी भी नागरिक को अपने जमीन संबंधी मामलों के लिए बेवजह कार्यालयों के चक्कर न काटना पड़े, इसलिए सभी प्रकरणों का लोकहित में समय-सीमा में निराकरण किया जाए। कलेक्टर ने  नजूल पट्टो के नवीनीकरण के लिए नगरीय निकायों में शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजीव गांधी ग्रमीण भूमिहीन कृषि मजदूर सहायता योजना के तहत प्राप्त आवेदनों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।

डॉ भुरे ने अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पंजीयन के लिए सर्वे के काम में भी तेजी लाने को कहा। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को सभी लंबित प्रकरणों का भौतिक सत्यापन कर प्राथमिकता क्रम में निपटारा करने और इसकी हर हफ्ते मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। डॉ. भुरे ने लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से आय, जाति, निवास आदि प्रमाण-पत्र बनाने के लिए मिले आवेदनों का भी शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही निराकरण करने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री मयंक चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर श्री विरेन्द्र बहादुर पंचभाई सहित सभी अनुविभागों के राजस्व अधिकारी, तहसीलदार और कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ राजस्व अधिकारी मौजूद रहें।

केवल 11 प्रतिशत प्रकरण ही लंबित बचे, साढ़े 99 हजार प्रकरण निराकृत:

रायपुर जिले में राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी आई है। जिले में दर्ज कुल राजस्व प्रकरणों में से 89 प्रतिशत प्रकरणों का निराकरण करा लिया गया है। जिले में अब लगभग 11 प्रतिशत प्रकरण ही निराकरण के लिए लंबित बचें है। जिले के राजस्व न्यायालयों में 1 लाख 11 हजार 761 प्रकरण कार्रवाई के दर्ज हुए है। इनमें से 99 हजार 505 प्रकरणों का निराकरण कर लिया गया है। दस्तावेजों की कमी, पक्षकारों के समय पर न्यायालय में उपस्थित नहीं होने या मामलों पर गंभीर विवाद की स्थिति होने के कारण अभी भी 12 हजार 256 प्रकरण निराकरण के लिए लंबित है।

कलेक्टर डॉ. भुरे ने राजस्व प्रकरणों का तेजी से निराकरण करने के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए है। उन्होंने तीन माह से लेकर 12 माह तक के लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निराकृत करने को कहा है। साथ ही पक्षकारों कोे भी अपने प्रकरणों के निराकरण में गंभीरता दिखाने की सलाह दी है। कलेक्टर ने अगले एक महीने में दो हजार से अधिक प्रकरणों के निराकरण का लक्ष्य निर्धारित कर कार्यायोजना अनुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने रायपुर और आरंग राजस्व अनुभागों में दो से लेकर पांच वर्षो से लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में भी विशेष प्रयास करने को कहा।

अवैध प्लाटिंग पर जारी रहेगी कार्रवाई, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश, अब तक 1 हजार से अधिक खसरे ब्लॉक- जिले में अवैध प्लाटिंग के विरूद्ध आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों, तहसीलदारों और नगरीय निकायों के अधिकारियों को अवैध प्लाटिंग के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पिछले चार महीनें में अवैध प्लाटिंग पर तेजी से कार्रवाई करते हुए जिले में 1 हजार तीन खसरे ब्लॉक कर दिए गए है।

इन खसरों में दर्ज लगभग साढ़ पांच सौ एकड़ भूमि की खरीदी-बिक्री-रजिस्ट्री पर भी रोक लगा दी गई है। सबसे अधिक 230 खसरे अभनपुर तहसील में ब्लॉक किए गए है। अभनपुर में डेढ़ सौ एकड़ से अधिक भूमि पर अवैध प्लाटिंग के खिलाफ ये कार्रवाई की गई है। रायपुर तहसील 207 खसरों की लगभग 134 एकड़ भूमि पर अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई करते हुए खरीदी-बिक्री और रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गयी  है। आरंग तहसील में 37 एकड़ से अधिक रकबे के 70 खसरे, खरोरा तहसील में लगभग 47 एकड़ के 50 खसरे, तिल्दा तहसील मे लगभग 38 एकड़ के 31 खसरे, गोबरा-नवापारा तहसील में लगभग 18 एकड़ के 17 खसरे कलेक्टर डॉ. भुरे के निर्देश पर ब्लॉक किए गए है।

इसी प्रकार रायपुर नगर-निगम क्षेत्र में भी अवैध प्लाटिंग पर लगातार कार्रवाई की गई है। नगर-निगम क्षेत्र में 398 खसरों की लगभग 103 एकड़ भूमि की खरीदी बिक्रि प्रतिबंधित की गई है। नगर निगम रायपुर के जोन क्रमांक 01 के 27 खसरों की लगभग साढ़े चार एकड़, जोन क्रमांक 5 के 38 खसरों की लगभग 9 एकड़, जोन क्रमांक 6 के 35 खसरों की लगभग 13 एकड़, जोन क्रमांक 7 के 23 खसरों की लगभग 4 एकड़, जोन क्रमांक 8 के 93 की खसरों की लगभग 20 एकड़, जोन क्रमांक 9 के 50 खसरों की लगभग 15 एकड़ और जोन क्रमांक 10 के 132 खसरों की लगभग 38 एकड़ भूमि की खरीदी-बिक्री-रजिस्ट्री पर भी रोक लगा दी गई है।

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