सड़कों पर पंडाल लगाने की अनुमति बिल्कुल नहीं, एनजीटी का आदेश

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पंडाल लगता मिले तो नगर निगम, पुलिस और जिला प्रशासन करे तत्काल कार्यवाही
00 आदेश का क्रियान्वन करने छत्तीसगढ़ संघर्ष समिति ने कलेक्टर-एसपी को सौंपा ज्ञापन

रायपुर। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (भोपाल बेंच) द्वारा सडकों पर लगने वाले पंडाल और गेट लगाने पर जारी किये गए प्रतिबंध का पूर्णत: पालन कराने लिए आज छत्तीसगढ़ संघर्ष समिति के सदस्यों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौप कर एन.जी.टी.के आदेश का पालन कराने की मांग की। समिति ने रायपुर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर त्योहारी सीजन में पंडाल और स्वागत द्वार लगाए जाने से जनता, बुजुर्गो,बच्चों को हो रही तकलीफ, वायु और ध्वनि प्रदूषण की बीमारियों के मद्दे नजर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में शिकायत दर्ज की थी।
क्या आदेश दिया है एनजीटी ने–
शिकायत की सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा एनजीटी को बताया गया कि दुर्गा पूजा, दिवाली और गणेश उत्सव के दौरान रायपुर शहर की वायु की क्वालिटी खराब हो जाती है ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ जाता है एनजीटी ने कहा की यह बहुत चिंता का विषय है।
एन.जी.टी. ने आदेशित किया कि पंडाल और स्वागत द्वार लगाने के मामले को जिला प्रशासन और लोकल अथॉरिटी द्वारा गंभीरता से लिया जाना चाहिए। शहरों में सड़कों पर इस प्रकार के गेट और पंडाल को लगाने की अनुमति बिलकुल भी नहीं दी जाएगी। जब भी इस प्रकार के पंडाल और गेट बिना अनुमति के लगाए जाते हैं तो स्थानीय निगम व पालिका और पुलिस और जिला प्रशासन उसे हटाने की कार्यवाही कर जवाबदेह के ऊपर पेनल्टी लगाएगा। बिना जिला प्रशासन और पुलिस परमिशन के कोई भी जुलूस नहीं निकाला जायेगा। जिला प्रशासन इसलिए जागरूक रहें ताकि किसी प्रकार का पंडाल और स्वागत द्वार ना लगे और जुलूस के दौरान ट्रेफिक फ्लो स्मूथ बना रहे ताकि वायु और ध्वनि प्रदूषण ना हो।
एनजीटी के आदेश का पालन न किए जाने पर क्या होगा.-
एनजीटी अधिनियम 2010 की धारा 26 के अनुसार जो कोई भी एनजीटी के आदेश का पालन करने में असफल रहता है उसे 3 साल की सजा या रुपए 10 करोड की पेनल्टी या दोनों लगाई जा सकती है।
समिति के सदस्य डॉ.राकेश गुप्ता, विश्वजीत मित्रा, हरजीत जुनेजा, मनजीत कौर बल, डॉ विकास अग्रवाल, डॉ दिग्विजय सिंह, उमा प्रकाश ओझा, रियाज अंबर, अजय खंडेलवाल, संदीप कुमार, विनय शील, जीवेश चौबे, प्रभाकर ओझा, शरद शुक्ला ,नोमान अकरम हमीद, जीवेश प्रभाकर, ओमप्रकाश चौबे सभी एकमत हैं कि रायपुर शहर की जनता का स्वास्थ्य सबसे ऊपर है और जो कोई भी अधिकारी एनजीटी के आदेश का पालन नहीं करेगा उसके विरुद्ध एनजीटी में शिकायत दर्ज कर सजा और पेनल्टी लगवाई जावेगी।

समिति ने पत्र लिख कर मुख्य सचिव से मांग की गई है कि चूंकि एनजीटी का आदेश पूरे प्रदेश भर के लिए है अत:आदेश का पालन पूरे प्रदेश भर में कराया जाएगा इसके अलावा समिति ने आयुक्त नगर निगम, रायपुर शहर के समस्त नगर निगम जोन कमिश्नर, समस्त थाना प्रभारी, से मांग की है कि आने वाले त्योहारी सीजन में एनजीटी के आदेश का पालन कराया जावे समिति ने छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर को भी पत्र लिखकर मांग की है कि सड़कों पर लगने वाले पंडालों को विद्युत कनेक्शन देना एनजीटी के आदेश के विरुद्ध रहेगा।

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