नई दिल्ली। देशभर के पुलिस महानिदेशकों (DGP) और खुफिया एजेंसियों की वार्षिक कॉन्फ्रेंस में इस बार अपराध पर कड़े प्रहार और आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में बड़े फैसले लिए गए। बैठक में भारत से भागे अपराधियों और आर्थिक भगोड़ों को वापस लाने के लिए समन्वित राष्ट्रीय रणनीति तैयार करने पर सहमति बनी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले समय में पुलिसिंग को AI, डेटा-ड्रिवन एनालिसिस और प्रेडिक्टिव टेक्नोलॉजी के सहारे नए स्तर पर ले जाया जाएगा। उन्होंने ज़ोर दिया कि आधुनिक तकनीक अपराध रोकने की क्षमता को कई गुना बढ़ा सकती है।
महिला सुरक्षा के लिए एकीकृत राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म
PM ने महिला सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए कहा कि देशभर में अलग-अलग राज्यों के डेटा और सिस्टम को जोड़कर एक ऑल-इंडिया इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा। इससे महिलाओं से जुड़े अपराधों पर तुरंत प्रतिक्रिया, तेज़ जांच और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय संभव होगा।
ऑपरेशन भगोड़ा: इंटरपोल और कई एजेंसियों की संयुक्त कार्ययोजना
बैठक के दौरान भगोड़ों को वापस लाने के लिए इंटरपोल, CBI, ED,NIA और विदेश मंत्रालय के बीच एक तेज़तर्रार ‘एक्शन कोऑर्डिनेशन मैकेनिज़्म’ बनाने पर चर्चा हुई। लक्ष्य है कि दुबई, लंदन, कनाडा और यूरोप में छिपे अपराधियों के खिलाफ कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रिया को तेज़ किया जाए।
आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम
PM मोदी ने कहा कि आने वाले वर्षों में पुलिस तंत्र को
• AI-सक्षम निगरानी
• फेस-रिकग्निशन आधारित अपराधी ट्रैकिंग
• डेटा-शेयरिंग नेटवर्क
• रियल-टाइम क्राइम मैपिंग
जैसे डिजिटल टूल्स से पूरी तरह जोड़ा जाएगा।
उन्होंने राज्य पुलिस को साइबर अपराधों के खिलाफ विशेषीकृत यूनिट्स बनाने की भी सलाह दी।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर व्यापक समीक्षा कॉन्फ्रेंस में सीमा सुरक्षा, आतंकवाद की फंडिंग, ड्रग नेटवर्क, संगठित अपराध जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी राज्यों को एक टीम की तरह काम करते हुए “वन नेशन, वन पुलिस डेटा सिस्टम” की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने होंगे।

