NEPAL FLOOD : Mass cremation of unclaimed bodies begins, fear of spread of diseases
रायपुर। 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद नेपाल में मौतों का आंकड़ा 800 के पार पहुंच गया है। अब भी 30 देशों के 2500 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं।
हालात इतने भयावह हैं कि प्रशासन ने अब लावारिस शवों का सामूहिक अंतिम संस्कार शुरू कर दिया है।
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बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज है, लेकिन अब एक नई चिंता सामने आ गई है। कई शव लंबे समय से पड़े रहने के कारण खराब हालत में पहुंच चुके हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है।
प्रशासन का कहना है कि जिन शवों की पहचान नहीं हो सकी है, उनसे जुड़े जरूरी सबूत सुरक्षित रखे जा रहे हैं, ताकि बाद में DNA जांच के जरिए उनकी पहचान की जा सके।
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भारत ने भी नेपाल की मदद के लिए फोरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीम भेजी है। 19 सदस्यीय टीम नेपाली अधिकारियों को DNA सैंपल और शवों की पहचान में सहयोग करेगी।
अब तक करीब 9500 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, लेकिन हालात अब भी गंभीर हैं। सबसे ज्यादा तबाही रसुवा इलाके में बताई जा रही है, जहां बाढ़ के बाद नदियां गाद से भर गई हैं।
800 से ज्यादा मौतें, हजारों लोग लापता और अब बीमारियां फैलने का डर… नेपाल की आपदा लगातार भयावह होती जा रही है।
