MANOJ KUMAR JHA: Takes the CJI to Task—Pens an Open Letter on Social Media!
MANOJ KUMAR JHA: CJI सूर्य कांत ने शुक्रवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे युवा हैं जो कॉकरोच जैसे हैं, जिन्हें कोई रोजगार नहीं मिलता और न ही पेशे में कोई जगह मिलती है।
उनमें से कुछ मीडिया में चले जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया में, कुछ RTI एक्टिविस्ट बन जाते हैं,कुछ अन्य तरह के एक्टिविस्ट बन जाते हैं और फिर वो सभी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।
इसके बाद RJD सांसद मनोज कुमार झा ने सोशल मीडिया एकाउंट से CJI सूर्य कांत पर हमला बोलते हुए एक सार्वजनिक चिट्ठी लिख कर मुख्य न्यायाधीश की भाषा को लेकर चिंता जताई गई है।
उन्होंने एक्स पर यह चिट्ठी साझा की जिसमें लिखा है, “आपकी हालिया टिप्पणियों में ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ जैसे शब्दों ने देश के अनेक नागरिकों की तरह मुझे भी गहराई से विचलित किया है. चिंता केवल शब्दों के चयन की नहीं है, बल्कि उस दृष्टिकोण की है, जिसकी झलक इन टिप्पणियों में दिखाई देती है।
“जब एक संवैधानिक लोकतंत्र के मुख्य न्यायाधीश बेरोज़गार युवाओं, आरटीआई कार्यकर्ताओं, मीडिया कर्मियों और असहमति व्यक्त करने वालों की तुलना “कॉकरोच” और “परजीवी” से करते हैं, तो यह केवल व्यक्तिगत आक्रोश का मामला नहीं रह जाता; यह लोकतंत्र की मूल आत्मा और उसकी बुनियादी संवैधानिक संस्कृति को आहत करने लगता है।
उन्होंने लिखा, “भारत के बेरोज़गार युवा, आरटीआई कार्यकर्ता, स्वतंत्र पत्रकार और असहमति रखने वाले नागरिक लोकतंत्र में रहने वाले कीड़े-मकोड़े नहीं हैं।
उन्होंने लिखा, “ऐसे समय में, जब देश पहले ही राजनीतिक संवाद में गिरती शालीनता का साक्षी बन रहा है, न्यायपालिका से यह उम्मीद थी कि वह संवैधानिक संयम और गरिमा की अंतिम शरणस्थली बनी रहेगी।

