LEPTOSPIRA INFECTION: 72 positive cases in Surguja!
LEPTOSPIRA INFECTION: सरगुजा जिले के आदिवासी इलाकों में 50 मरीजों में लेप्टोस्पाइरा और 22 मरीजों में स्क्रब टाइफस संक्रमण की पुष्टि हुई है।
संक्रमित मरीज पहाड़ी कोरवा और पंडो जनजाति से हैं। इनकी उम्र 9 से 65 साल के बीच है।
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के मुताबिक लेप्टोस्पाइरा संक्रमण जानवरों के पेशाब से दूषित पानी या मिट्टी के संपर्क में आने से फैल सकता है। वहीं स्क्रब टाइफस संक्रमण छोटे माइट के काटने से फैलता है। डॉक्टरों के मुताबिक, मानसून के दौरान इन संक्रमणों का खतरा बढ़ जाता है।
डॉक्टरों के मुताबिक, जिन मरीजों का 5 दिन बाद भी बुखार नहीं उतरता है, उनके ब्लड सैंपल की जांच की जाती है। इसके लिए एलाइजा टेस्ट (ELISA Test) के जरिए लेप्टोस्पाइरा और स्क्रब टाइफस जैसे संक्रमणों की जांच की जाती है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मरीज का इलाज शुरू किया जाता है।
समय पर इलाज नहीं मिलने पर लेप्टोस्पाइरा संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। इससे किडनी और लीवर पर असर पड़ने का खतरा रहता है और गंभीर स्थिति में मरीज की मौत भी हो सकती है। हालांकि सरगुजा में सामने आए सभी 72 मरीज इलाज के बाद स्वस्थ हो गए हैं।
लेप्टोस्पाइरा और स्क्रब टाइफस का संक्रमण दक्षिण अमेरिका के ब्राजील और पेरू सहित अफ्रीकी देशों में मुख्यतः पाया जाता है। भारत में इसके मामले मुख्य रूप से दक्षिण भारत के मदुरै में सामने आए हैं। छत्तीसगढ़ के सरगुजा में आदिवासी क्षेत्र से इस तरह के मामलों का सामने आना डॉक्टरों के लिए चिंता और रिसर्च का विषय है।
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन, कम्युनिटी मेडिसिन और माइक्रोबायोलॉजी विभाग की टीम मिलकर रिसर्च कर रही है। टीम प्रभावित गांवों में पहुंचकर मरीजों की जांच करेगी और जरूरी सैंपल भी लिए जाएंगे।
बता दें की डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल सभी संक्रमित मरीज इलाज के बाद स्वस्थ हैं। संक्रमण के फैलने के कारणों और इसके स्तर को लेकर मेडिकल कॉलेज की टीम की जांच और रिसर्च जारी है।
