KORBA CRIME : Brutality against a girl, decision not to pursue her case
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के रजगामार इलाके में सात साल की बच्ची के साथ दरिंदगी और हत्या की घटना से लोगों में भारी आक्रोश है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग को लेकर अलग-अलग जगहों पर कैंडल मार्च निकाले जा रहे हैं। वहीं, कोरबा बार एसोसिएशन के वरिष्ठ और महिला अधिवक्ताओं ने आरोपी की पैरवी नहीं करने का फैसला लिया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी बच्ची को सड़क पर गिरे रुपये उठाने में मदद करने का झांसा देकर अपने साथ ले गया था। आरोप है कि उसने पहले बच्ची का मुंह और नाक कपड़े से दबाया, फिर उसी कपड़े से गला घोंट दिया। दम घुटने से बच्ची की मौत हो गई।
शुक्रवार को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्ची का शव परिजनों को सौंप दिया गया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल की दो सदस्यीय मेडिकल टीम ने पोस्टमार्टम किया। पुलिस के आग्रह पर डॉक्टरों ने प्रारंभिक रिपोर्ट भी सौंप दी, जिसमें गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि होने की बात कही गई है।
आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में जरूरी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, ताकि अदालत में मजबूत पक्ष रखा जा सके।
घटना पर कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने दुख जताया और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी से फोन पर बात कर निष्पक्ष जांच और तेजी से कार्रवाई की मांग की।
लोगों की मांग है कि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिले और दोषी को ऐसी सजा दी जाए, जिससे समाज में कड़ा संदेश जाए।
