MSME को डिजिटल ताकत: रायपुर में RAMP योजना के तहत डिजिटल मार्केटिंग व मार्केट लिंकिज पर कार्यशाला आयोजित

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रायपुर, 24 दिसंबर 2025। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME), भारत सरकार की RAMP योजना के अंतर्गत “डिजिटल मार्केटिंग एवं MSMEs के लिए मार्केट लिंकिज” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन PHD चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI), छत्तीसगढ़ स्टेट चैप्टर द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) एवं IGKV R-ABI के सहयोग से किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत श्री निखिल अग्रवाल, सदस्य, PHDCCI छत्तीसगढ़ स्टेट चैप्टर के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने बदलते व्यावसायिक परिवेश में MSMEs की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स की अहम भूमिका पर जोर दिया।

मुख्य वक्तव्य में डॉ. हुलास पाठक, हेड एवं प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर–सीईओ, IGKV R-ABI ने ई-कॉमर्स, सोशल मीडिया और ऑनलाइन विज्ञापन के जरिए मजबूत बाजार संपर्क विकसित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों के उद्यमों के लिए डिजिटल इकोसिस्टम नए अवसर खोल रहा है, जिससे राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुंच संभव हो रही है।

NSIC के उप महाप्रबंधक (DGM) श्री एम. एम. सिन्हा ने MSMEs व स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने MSE-TEAM योजना पर विशेष प्रकाश डाला, जो ई-कॉमर्स, ट्रेड और प्रदर्शनी सहायता के माध्यम से सूक्ष्म व लघु उद्यमों को बाजार समर्थन प्रदान करती है।

भारत सरकार के GeM पोर्टल पर प्रस्तुति देते हुए श्री अमित उपाध्याय, सीनियर असिस्टेंट डायरेक्टर, GeM ने MSMEs व स्टार्टअप्स के लिए पंजीकरण प्रक्रिया और सरकारी खरीद में उपलब्ध अवसरों की जानकारी साझा की।

छत्तीसगढ़ सरकार के उद्योग संचालनालय की उप निदेशक सुश्री सुमन देवांगन ने राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नीति में MSMEs और स्टार्टअप्स के लिए कई प्रोत्साहन और सहायता उपाय शामिल हैं, जिससे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उद्यम अपनी दृश्यता और बाजार पहुंच बढ़ा सकते हैं।

MSME DFO के संयुक्त निदेशक श्री लोकेश कुमार परगनिहा ने कहा कि यह पहल MSMEs को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भारत सरकार के प्रयासों का हिस्सा है, ताकि स्थानीय व्यवसाय आपस में जुड़े बाजार में सफल हो सकें।

वहीं ZED (Zero Defect Zero Effect) विशेषज्ञ श्री आकांश अग्रवाल ने गुणवत्ता प्रमाणन कार्यक्रम की जानकारी दी, जो MSMEs को उत्पादन गुणवत्ता सुधारने और पर्यावरणीय प्रभाव कम करने में मदद करता है।

कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन श्री सुमित दुबे, रेजिडेंट डायरेक्टर, PHDCCI छत्तीसगढ़ स्टेट चैप्टर ने प्रस्तुत किया।

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